वाराणसी

आतंकी नईम की गिरफ्तारी से उड़ी सुरक्षा एजेंसी की नीद, कुंभ मेला तो नहीं निशाने पर

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खुली, जानिए क्या है कहानी
2 min read
• •
Updated: 29 Nov 2017, 12:23 PM IST
terrorists
आतंकी

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में लश्कर के आतंकी के नईम की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसी की नीद उड़ा दी है। आतंकी हमलों को लेकर बेहद संवेदनशील बनारस में हैदराबाद ब्लास्ट के आरोपी के रहने की जानकारी पहले किसी एजेंसी को नहीं थी। एटीएस व एनआइए की टीम ने नईम को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन यह सवाल उठने लगा है कि खुफिया विभाग से लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली कितनी लचर है और उसे पता तक नहीं चला कि इतना खतरनाक आतंकवादी यहां पर ठहरा हुआ है।
यह भी पढ़े:-नगर निगम का बदल जायेगा समीकरण, सपा के पास थी सबसे अधिक सीट



आतंकी नईम के कब्जे से कई वीडियो क्लिप मिले हैं जो सेना के ठिकाने से जुड़े हैं। इससे साफ हो जाता है कि आतंकी ने बनारस को सुरक्षित पनाहगाह बना दिया था और कुछ स्थानीय लोगों इसके मददगार भी थे। एनआइए व एटीएस ने नाइम को पकड़ तो लिया है, लेकिन अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि यह कितने दिनों से यहां पर ठहरा था और कौन लोग इसकी मदद कर रहे थे। सूत्रों की माने तो नईम यहां से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को आवश्यक खुफिया जानकारी पहुंचा रहा था। काशी से लेकर अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की काफी जानकारी आतंकी संगठनों को पहुंचायी गयी थी।
यह भी पढ़े:-पीएम मोदी के साथ 6 विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर, प्रत्याशी हारे तो कम हो सकता कद

आतंकवादियों के निशाने पर कुंभ मेला, नईम का पकड़ा जाना महज संजोग नहीं
दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इलाहाबाद में होने वाले अर्ध कुंभ मेले पर आतंकी हमलों की चेतावनी दी है इसके बाद से ही खुफिया एजेंसी सर्तक हो गयी है। इसी बीच नईम का काशी से पकड़ा जाना महज संजोग नहीं हो सकता है। सूत्रों की माने तो खुफिया एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि नईम ने इलाहाबाद की यात्रा तो नहीं कि है यदि वह इलाहाबाद गया था तो उसका उद्देश्य क्या था। नईम के पकड़े जाने से साफ हो जाता है कि इस बार अर्ध कुंभ मेले में सुरक्षा में कमी सुरक्षा एजेंसी पर भारी पड़ सकती है।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बढ़ गया वोटों का प्रतिशत, किस दल को मिलेगा लाभ

आजमगढ़ से अधिक संवेदनशील हुए मऊ व काशी
सूत्रों की माने तो अब आजमगढ़ से आतंकी पनाहगाहों को लेकर मऊ व काशी अधिक संवेदनशील हो गये हैं। काशी में पहले ही पांच आतंकी हमले हो चुके हैं, िजिसमे दर्जनों लोगों की जान गयी थी। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसी ने काशी को आतंकी हमलों को लेकर संवेदनशील माना है इसके बाद भी नईम जैसे आतंकी के काशी में रहना और स्थनीय पुलिस व एजेंसी को उसकी भनक न लगना बड़ी विफलता माना जा रहा है।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी के मंत्री का फिर विवादित बयान, कहा कोई शराब पिलाये तो पी लो और....

Published on: