वाराणसी

वाराणसी में नाइट कर्फ्यू लगाया गया, जानिये क्या रहेगा प्रतिबंधित, किसे रहेगी छूट

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक एक सप्ताह के लिये रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक Night Curfew in Varanasi लगा दिया गया है। इस दौरान कोई सड़क पर नहीं निकलेगा। स्कूल काॅलेज बंद रहेंगे, गंगा आरती में भी शामिल होने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने Night Curfew restrictions and guidelines जारी कर दी है। मास्क न लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।

2 min read
Night curfew in Bhilwara, lockdown on Sunday
Night curfew in Bhilwara, lockdown on Sunday

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

वाराणसी. कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद वाराणसी में नाइट कर्फ्यू (Night Curfew in Varanasi) लगा दिया गया है। Night Curfew restrictions and guidelines जारी कर दी गई है। आठ अप्रैल गुरुवार से लेकर 15 अप्रैल तक रोजाना रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक बाहर निकालने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इस दौरान न तो सड़कों पर गाड़ियां चलेंगी और न ही कोई आदमी घर से बाहर निकलेगा। दुकानें भी नहीं खुली नहीं रहेंगी। केवल सुबह दूध की सप्लाई, सब्जी मंडी व रात्रि कालीन दवा की दुकानों को प्रतिबंध से छेट रहेगी। गाइड लाइन के मुताबिक शर्तों के आधार पर कुछ आयोजनों को छोड़कर बाकी किसी भी तरह के आयोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।


गंगा आरती भी सूक्ष्म रूप से होगी और इसमें लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। पार्क व स्टेडियम सुबह छह बजे के पहले नहीं खुलेंगे। शहर से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों को भी प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। निजी अस्पताल, माॅल, होटल, बड़े धार्मिक स्थलों जहां वहां कोविड हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी। डीएम ने महामारी अधिनियम 1897 (अधिनियम संख्याः 3 सन 1897) व आपदा प्रबंधन अधिनियिम-2005 के अन्तर्गत आदेश जारी किये हैं, जिन्हें न मानने पर महामारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी।

बिना मास्क निकले तो जुर्माना

जिले भर में सभी के लिये मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही महामारी अधिनियम के अन्य प्रावधानों का पालन भी करना होगा। ऐसा न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

इन पर प्रतिबंधित


इन्हें छूट


ये रहेगा बंद


ये खुले रहेंगे

मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी कर्मचारी

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में वो मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और सभी अपना मोबाइल नंबर ऑन रखेंगे और आने वाली काॅल को रिसीव करेंगे। उल्लंघन करने पर अनुशनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पंचायत चुनाव ड्यूटी के लिये बुलाए जाने पर अधिकारी कर्मचारी अपने कार्यालय पर रिपोर्ट करेंगे।

कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य

समस्त शासकीय, निजी कार्यालय, केंद्रीय सरकार व विभागों के कार्यालय, निजी चिकित्सालय, मॉल, होटल, रेस्टोरेन्ट, बड़े धार्मिक स्थल, दुकानों आदि पर (जहां ज्यादा संख्या में कर्मचारियों एवं जनता का आना-जाना होता हो) कोविड हेल्प डेस्क लगाना, कोविड हेल्प डेस्क पर उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग द्वारा निर्गत कोविड हेल्प डेस्क पोस्टर व सामान्य जानकारी के निर्देश का विवरण लगाना जरूरी होगा। कोविड हेल्प डेस्क पर शिफ्टवार कर्मचारी काम करेंगे। हर आने जाने वाले का टेम्परेचर और ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाएगा। हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी मास्क और ग्लव्ज पहनेंगे और दो गज दूरी बनाए रखने की व्यव्स्था करनी होगी। कोविड हेल्प डेस्क पर सैनिटाइजर, थर्मल रकैनर एवं पल्स आक्सीमीटर जरूर होने चाहिये।

Published on:
09 Apr 2021 01:29 am