वाराणसी

ओमप्रकाश राजभर की सभा में उमड़ी भीड़ देख कर बीजेपी नेताओं के उड़े होश, सपा, बसपा व कांग्रेस को भी लगा झटका

लगातार विरोध के बाद भी गठबंधन से अलग नहीं कर पायी भारतीय जनता पार्टी, जानिए क्या है कहानी
2 min read
• •
Updated: 25 Feb 2019, 12:00 PM IST
Om Prakash Rajbhar
Om Prakash Rajbhar

वाराणसी. सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखायी है। नदेसर के कटिंग मेमोरियल इंटर कॉलेज परिसर में अति दलित अधिकार महासम्मेलन में उमड़ी भीड़ देख कर बीजेपी नेताओं के भी होश उड़ गये हैं। सुभासपा ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा कर साबित किया है कि अब उसे नजरअंदाज करना किसी भी दल के लिए संभव नहीं है।
यह भी पढ़े:-कही इस डर से तो नहीं अखिलेश यादव ने मानी मायावती की बात, सपा को मिली कठिन सीटे

IMAGE CREDIT: Patrika

यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से ओमप्रकाश राजभर के बीजेपी से रिश्ते बिगड़ गये हैं। ओमप्रकाश राजभर लगातार बीजेपी पर हमला बोलते आये हैं। बीजेपी नेताओं ने कई बार सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यूपी में राजभर वोटरों का सबसे बड़ा वोट बैंक ओमप्रकाश राजभर के ही पास है इसके चलते ही बीजेपी ने अभी तक सुभासपा से गठबंधन नहीं तोड़ा है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं इसलिए समय-समय पर सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं छोड़ते हैं। कटिंग मेमोरियल में हुई सभा में ओमप्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने के बाद ही गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय करेंगे।
यह भी पढ़े:-ओमप्रकाश राजभर ने पहली बार उद्धव ठाकरे से हुई बात का खुलासा किया, बीजेपी की बढ़ जायेगी परेशानी

सपा, बसपा व कांग्रेस को भी लगा झटका
ओमप्रकाश राजभर ने रैली के जरिए एक तीर से दो शिकार किया है। भीड़ जुटा करा बीजेपी को अपनी ताकत दिखायी है और रैली में सपा, बसपा व कांग्रेस को प्रदेश को लूटने वाली पार्टी बताया है। अभी तक यह कयास लग रहे थे कि बीजेपी से गठबंधन टूटने के बाद ओमप्रकाश राजभर लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश यादव व मायावती के साथ गठबंधन कर सकते हैं या फिर राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मिल कर कांग्रेस के साथ भी जा सकते हैं लेकिन रैली में जिस तरह से ओमप्रकाश राजभर ने सपा, बसपा व कांग्रेस को लेकर बयान दिया है उससे बीजेपी के विरोधी दलों को भी झटका लगा है।
यह भी पढ़े:-ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, पाकिस्तान का पानी बंद करके फिर एक साथ छोड़ कर दुश्मनों को मारे

ओमप्रकाश राजभर के पास भी नहीं है अधिक विकल्प
ओमप्रकाश राजभर के पास भी अब अधिक विकल्प नहीं बचा है। सपा व बसपा गठबंधन हो जाने के बाद सीट ही नहीं बची है। यदि सुभासपा महागबंधन के साथ जाती है तो अधिकतम एक ही सीट मिल सकती है। कांग्रेस के साथ जाने पर भी कुछ ऐसी ही कहानी हो सकती है। यूपी में कांग्रेस कमजोर है इसलिए सुभासपा का कांग्रेस के साथ जाने पर पार्टी को अधिक फायदा नहीं होगा। बीजेपी के साथ गठबंधन तोडऩे पर ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री पद भी छोडऩा होगा। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर के पास भी अधिक विकल्प नहीं बचा है वह खुल चाहते हैं कि बीजेपी के साथ ही लोकसभा चुनाव लड़े। इसके चलते ही सुभासपा चेतावनी तो देती है लेकिन बीजेपी से गठबंधन नहीं तोड़ रही है।
यह भी पढ़े:-मायावती ने दिया शिवपाल यादव को बड़ा मौका, अखिलेश यादव को लगेगा सबसे बड़ा झटका

Published on:
Also Read
View All
एयर शो में शामिल होने काशी पहुंचे रक्षा मंत्री और सीएम योगी, रविवार को आएंगे पीएम, जानें क्या है कार्यक्रम

‘सिर्फ इज्जत बचाने के लिए ऐसे बयान दे रही सपा’, एमएलसी चुनावों पर अखिलेश के आरोपों पर बरसे बृजेश पाठक

Air Show: कड़ी धूप के बीच ‘शौर्य की उड़ान’ देखने पहुंचे लोग, ‘सारंग’ की चमक से पटा सोशल मीडिया, महिला पायलट्स की तारीफ

‘जब बीजेपी समर्थक झगड़े पर उतारू हो जाएं तो समझ लीजिए उनका कैंडिडेट हार रहा’, सपा एमएलसी से धक्का-मुक्की पर सांसद विरेंद्र सिंह

‘रागिनी सोनकर खुद बीजेपी जॉइन करना चाहती हैं’, सपा विधायक के धमकाने के आरोप पर एमएलसी धर्मेंद्र सिंह