
वाराणसी. यूपी में बीजेपी को अपना दल की तरह सुभासपा को भी दो सीट देनी पड़ सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बीजेपी से गठबंधन के तहत तीन लोकसभा सीट मांगी है जिस पर २४ घंटे के अंदर निर्णय हो सकता है।
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सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर लगातार बीजेपी पर हमलावर थे लेकिन विभिन्न बोर्ड में सुभासपा नेताओं को जगह मिलने के बाद से उनके सुर बदल गये हैं। ओमप्रकाश राजभर ने ट्रवीट करके कहा था कि पीएम नरेन्द्र मोदी फिर से पीएम बनेंगे। इसके बाद सुभासपा व बीजेपी में सीटों के बंटवारे को लेकर वार्ता जारी है। बीजेपी के एक अन्य सहयोगी दल अपना दल को दो संसदीय सीट मिली है जिसमे से मिर्जापुर संसदीय सीट से खुद अनुप्रिया पटेल चुनाव लड़ सकती है। अनुप्रिया पटेल इसी सीट से सांसद भी है। अपना दल के ही तर्ज पर सुभासपा भी कम से कम दो सीट चाहती है। सुभासपा के नेताओं का कहना है कि यदि वह गठबंधन के तहत चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारेंगे तो राजभर वोटरों में गलतफहमी हो सकती है। बीजेपी गठबंधन को राजभर वोट दिलाने के लिए सुभासपा का चुनाव लडऩा बहुत जरूरी है।
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पूर्वांचल की इन सीटों पर सुभासपा ठोक रही दावा
बीजेपी व सुभासपा में संसदीय सीटों को लेकर क्या गठबंधन होता है इसका खुलासा जल्द होगा। सुभासपा ने बीजेपी ने चंदौली, सलेमपुर, मछलीशहर, अम्बेडकरनगर, लालगंज आदि सीटों पर अपना दावा ठोका है। खुद सुभासपा के नेताओं का मानना है कि हम जिन सीटों पर चुनाव लडऩा चाहते हैं वही सीट मिले। यह जरूरी नहीं है। सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से वार्ता का क्रम जारी है जिस पर जल्द ही अंतिम निर्णय होगा।
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बीजेपी के साथ सुभासपा लड़ेगी लोकसभा चुनाव
ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि शशि प्रताप सिंह ने बताया कि हम लोग बीजेपी गठबंधन के साथ ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। जल्द ही सीटों का भी बंटवार हो जायेगा। विभिन्न निगमों में पद मिलने पर कहा कि यह तो सुभासपा का हक था। यदि हम चुनाव में नहीं उतरेंगे तो हमारे मतदाताओं को बीजेपी गठबंधन से जोडऩा कठिन हो जायेगा। बीजेपी व सुभासपा मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
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बीजेपी के लिए जरूरी है सुभासपा व अपना दल का साथ
यूपी में बीजेपी को वर्ष 2014 वाला जादू दोहराना है तो सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना होगा। यूपी में एक तरफ अखिलेश यादव व मायावती का गठबंधन है तो दूसरी तरफ राहुल गांधी व प्रियंका गांधी भी बीजेपी को रोकने की रणनीति बना रहे हैं। शिवपाल यादव व राजा भैया भी चुनाव लड़ कर किसी दल को वोट काटने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में बीजेपी को यूपी की अधिक से अधिक सीट पर विजय हासिल करनी है तो पीएम नरेन्द्र मोदी के लहर के साथ अमित शाह की रणनीति व गठबंधन के ताकत की जरूरत होगी।
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