
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के 12 मार्च को आगमन को देखते हुए सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किये गये हैं। बनारस में पहली बार दोनों राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में 10हजार सुरक्षाकर्मी लगाये गये हैं। एयरपोर्ट व हेलीकॉप्टर लैंडिंग वाले स्थान पर एयरफोर्स ने मोर्चा संभाला है जबकि गंगा में नौका विहार के समय नौ सेना के गोताखोरों को तैनात किया गया है।
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बनारस में इस समय की बात की जाये तो होटल व लॉज में कमरा मिलना कठिन हो गया है। अन्य जिलो से आये पुलिस के अधिकारी व अन्य सुरक्षाकर्मी अपने वाहनों के साथ पहुंचे हैं। कुछ अधिकारी तो ऐसे हैं, जिनकी ड्यूटी शनिवार को आगरा में ताजमहल पर लगायी गयी है वहां पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के जाने के बाद वह लोग बनारस के लिए निकल जायेंगे। रॉ से लेकर अन्य खुफिया एजेंसी के लोग पहले से ही शहर में आ चुके हैं और पीएम मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों को जिन जगहों पर जाना है वहां की रेकी कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त अर्ध सैनिक बलों से लेकर एटीएस, पुलिसकर्मी व पीएससी की तैनाती की गयी है। पीएम मोदी व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों सड़क मार्ग से लंबा सफर तय करेंगे। इसके चलते सुरक्षाकर्मियों को अधिक संख्या में लगाया गया है।
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चार जगहों पर हेलीकॉप्टर उतार कर की गयी टेस्टिंग
बनारस में बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल केन्द्र, बीएचयू, डीरेका व बाबतपुर हवाई अड्डे पर हेलीकॉप्टर उतार कर टेस्टिंग की गयी है। इसके अतिरिक्त मिर्जापुर में भी जहां पर पीएम मोदी को उतरना है वहां पर भी सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किये गये हैं। बनारस के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का दौरा बेहद ऐतिहासिक है पहली बार कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष इतनी देर रहते हुए इतनी लंबी यात्रा करेगा।
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जापान के पीएम शिंजो आबे में नहीं लगाये गये थे इतने सुरक्षाकर्मी
वर्ष 2016 में जापान के पीएम शिंजो आबे भी पीएम मोदी के साथ काशी आये थे। गंगा आरती देखने के बाद होटल ताज में रुके थे और फिर वापस चले गये थे। उनकी यात्रा छोटी व कम समय के लिए थी इसलिए इतने अधिक सुरक्षाकर्मी की आवश्यकता नहीं पड़ी थी।
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