महीनों से आंदोलित हैं वाराणसी के किसान, खून से लिखा खत, पीएम का संसदीय कार्यालय उसे भी लेने से कर चुका है इंकार। अब भाजपा को मुहतोड़ जबाब देने का लिया संकल्प।
वाराणसी. ट्रांसपोर्ट नगर योजना और रिंग रोड फेज-2 के लिए ली गई जमीन के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत मुआवजा एवं पुनर्वास की मांग कर रहे किसानों ने शुक्रवार को निकाला मार्च और किया प्रदर्शन। दर असल महीनों से चल रहे इस आंदोलन पर अब तक प्रधानमंत्री की चुप्पी से ये किसान काफी क्षुब्द्ध हैं। बता दें कि ये वही किसान हैं जिन्होंने सबस पहले अपने सांसद और प्रधानमंत्री तक अपनी जायज मांगों को पहुंचाने की कोशिश की। खून से खत लिखा, लेकिन पीएम के स्थानीय संसदीय कार्यालय ने उसे रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा। फिर ये किसान दिल्ली गए, जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। तब भी न पीएम का ध्यान गया न सरकार ने ही कोई सुधि ली। अलबत्ता विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी ने इनकी बातें सुनीं। अपना दूत वाराणसी भेज कर किसानों का फीड बैक हासिल किया उसके बाद पत्र लिख कर इनके समर्थन की घोषणा की। अब शनिवार को पीएम फिर आ रहे हैं अपने संसदीय क्षेत्र। इन किसानों को पता चला कि वह किसानहित की बात भी करने वाले हैं ऐसे में इन्होंने शुक्रवार को अपनी मांगों के समर्थन में विरोध मार्च निकाला और जम कर प्रदर्शन किया।
रिंग रोड फेज 2 एवं बीसों वर्षो से लम्बित मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसानों ने हरदासपुर गंगापुर में 12 बजे से किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाल कर अपने गुस्से का इजहार किया। किसान नेता विनय शंकर राय मुन्ना ने कहा कि, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड योजना से प्रभावित किसानों को धारा 3 (ई) राष्ट्रीय राजमार्ग 1956 का नोटिस दिया जा रहा है। किसान इसके खिलाप हैं। इसे लेकर महीनों से वे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के आधार पर मुआवजा एवं पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। बात सबको सुनाई दे रही है पर हमारे सांसद जो कि देश के प्रधानमंत्री भी हैं वो चुप हैं। इसी तरह बीस साल से लंबित ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसान भी भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के सेक्सन 24 ,धारा 5(1) के प्रावधान के तहत मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना रद्द करने के लिये महीनों सड़क पर हैं। लेकिन इस पर भी पीएम चुप हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी ये साबित करती है कि उन्हें किसानों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री एवं भाजपा को मुहतोड़ जबाब देने का संकल्प लिया गया।
प्रदर्शन में रामजी सिंह, आशीष सिंह ,प्रेम शाह, विजय गुप्ता, सुरेन्द्र डाक्टर, रवि कुमार, आनन्द सिंह आदि शामिल थे। अध्यक्षता किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना ने की जबकि संचालन नरायणी सिंह ने किया और मेवा पटेल ने आभार जताया।