
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी महाशिवरात्रि के बाद अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की भूमि पूजन के लिए बनारस आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना जारी होने से पहले अपने बड़े प्रोजेक्ट की नीव रख देंगे। 5 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ का बनारस दौरा होगा। मुख्यमंत्री सारी तैयारियों को देखेंगे। इसके बाद ही प्रधानमंत्री का आगमन होगा। संसदीय क्षेत्र में ढाई घंटे ठहरने के बाद पीएम मोदी वापस लौट जायेंगे।
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चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद केन्द्र सरकार योजनाओं की घोषणा नहीं कर पायेगी। इसके चलते ही महत्वपूर्ण योजनाओं पर पहले ही काम पूरा करने की तैयारी है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में बहुत विकास कार्य कराया है। दुनिया व देश में बनारस की पहचान काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प करना पीएम नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत ही काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का काम कराया जा रहा है। 8 मार्च को सुबह नौ बजे पीएम नरेन्द्र मोदी बनारस आयेंगे। काशी प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के लिए भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद हस्तकला संकुल में प्रदेश भर की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम के आगमन का मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया है जिसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के पास तैयारी तेज हो गयी है। पांच मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ खुद बनारस आ रहे हैं और पीएम मोदी के आगमन से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।
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सोमनाथ के तर्ज पर विकसित होगा काशी विश्वनाथ मंदिर
गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी ने वर्ष २०१४ में बनारस संसदीय सीट से चुनाव लडऩे का ऐलान किया था उसके बाद बनारस में आकर सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में जाकर दर्शन किया था। नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि सोमनाथ से काशी विश्वनाथ आया हू। देश का पीएम बन जाने के बाद भी पीएम नरेन्द्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे उसके बाद कहा था कि मंदिर के पास लटकते हुए बिजली के तार को हटाने की बात कही थी इसके बाद आईपीडीएस योजना के शहर के बड़े हिस्से के तारों को भूमिगत किया गया। पीएम नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर काशी विश्वनाथ मंदिर को बेहद भव्य व सुन्दर बनाने की बात कही थी। इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास के भवनों को अधिग्रहण किया गया था। कांग्रेस ने इस योजना का जमकर विरोध किया था लेकिन स्थानीय लोगों का सहयोग नहीं मिलने से कांग्रेस का विरोध बेकार हो गया। काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास के पुराने भवनों को तोड़ कर हटाया गया है यहां से अब मलबा हटाने का काम चल रहा है जिसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी यहां पर भूमि पूजन करने आयेंगे। इसके बाद जल्द ही काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का स्वरुप दिखने लगेगा। लोकसभा चुनाव के पहले पीएम नरेन्द्र मोदी का यह प्रोजेक्ट बीजेपी को बड़ा लाभ दे सकता है।
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