कैंट पुलिस को तीन फरार आरोपी की तलाश, एक चिकित्सक पहले ही भेज जा चुके जेल
वाराणसी. पीएससी सिपाही भर्ती के री-मेडिकल टेस्ट में धांधली के आरोप में कैंट पुलिस ने शनिवार को एक और चिकित्सक डा.एसके पांडेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस को अब इस प्रकरण में तीन आरोपी की तलाश है जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस सक्रिय है। इसी मामले में एक दिन पहले ही एक चिकित्सक समेत दो को जेल भेजा गया था।
यह भी पढ़े:-PAC सिपाही भर्ती के मेडिकल टेस्ट में धांधली के आरोप में चिकित्सक सहित दो गिरफ्तार
कैंट पुलिस के अनुसार शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल के डा.एसके पांडेय मूल रुप से बिहार के भभुआ निवासी है और बनारस में लंका थाना क्षेत्र के चितईपुर स्थित शिवकाशी अपार्टमेंट में रहते थे। डा.एसके पांडेय कही भागने के फिराक में थे लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के राडार पर अब ३६ बटालियन पीएससी, रामनगर के आरक्षी रमेश सिंह, गाजीपुर पुलिस लाइन के आरक्षी राजेश कुमार सिंह व एक अज्ञात पवन कुमार जायसवाल है जो इसी मामले में आरोपी है और फरार चल रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। पीएससी की भर्ती परीक्षा के मेडिकल टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर पैसा वसूला जा रहा था। पुलिस को जब इसका सुराग मिला तो सर्विलांस की मदद ली गयी। इसके बाद पता चला कि फेल अभ्यर्थियों को मेडिकल टेस्ट में पास कराने के नाम पर चिकित्सक व उनके करीबी लोग पैसे की वसूली में लगे हुए हैं। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इस मामले में कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एसएसपी ने कहा कि भर्ती प्रकरण की पूरी जांच राजपत्रित अधिकारी व एडिशनल एसपी कैंट से करायी जायेगी। इस मामले में जो भी दोषी मिलता है उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
यह भी पढ़े:-ईएसआईसी अस्पताल में मरीज की मौत से भड़के परिजनों ने किया सड़क जाम
पूर्व में पकड़े गये आरोपी 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गये
कैंट पुलिस ने इससे पहले दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के चिकित्सक डा.शिवेज जायसवाल व शिवपुर थाना क्षेत्र के नारायनपुर निवासी आकाश बेनवंशी को पकड़ा था। आरोपियों को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण रामचन्द्र की अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
यह भी पढ़े:-पत्नी का प्रोफेसर पति पर बड़ा आरोप, कहा रात भर आंख में मिर्च डाल कर तड़पाते रहे