वाराणसी

हाईकोर्ट के आदेश का समय से तामीला न कराने वाले पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित

हाईकोर्ट के आदेश का समय से तामीला न कराना वाराणसी कैंट थाने के इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को भारी पड़ गया। पहले डीसीपी ने उन्हें लाइन हाजिर किया। फिर मामला संज्ञान मे आते ही पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच भी बिठा दी है।  

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May 27, 2022
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश

वाराणसी. उच्च न्यायालय (High Court) के प्रकरण में समय से जवाब-तलब न कर पाना कैंट इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को भारी पड़ा। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने पहले कैंट इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया फिर उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू करा दी है। पुलिस कमिश्नर ने सभी थानेदारों को चेतावनी पत्र जारी किया है।

हाईकोर्ट के आदेश का समय से तामीला न कराने पर हुआ निलंबन

बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का समय से तामीला न कराने के आरोप में इंस्पेक्टर कैंट को पहले डीसीपी ने लाइन हाजिर किया। फिर शुक्रवार को यह मामला पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश के संज्ञान में आया तो उन्होंने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही एक आईपीएस स्तर के अधिकारी को जांच सौंप दी। पुलिस कमिश्नर ने सख्त लहजे में सभी थानेदारों को चेताया है कि किसी तरह की लापरवाही, अकर्मण्यता और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट के आदेशों की अवहेलना तो अक्षम्य है।

थानों को जारी चेतावनी से मचा हड़कंप

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश के सभी थानों के प्रभारियों को जारी चेतावनी पत्र से पुलिस महकमें में हड़कंप मचा है। कारण कि उन्होंने चेतावनी पत्र में लिखा है कि किसी तरह की लापरवाही बरतने वालों पर कठोरतम कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा की कोर्ट के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित होना चाहिए। अफसरों को समय-समय पर प्रभावी प्रवेक्षण किया जाना चाहिए।

ईरानी गैंग के सदस्यों पर गैंगस्टर न लगाने का आरोप भी है इंस्पेक्टर पर

विभागीय सूत्रों का कहना है कि गत 2 अप्रैल को नवरात्र चतुर्थी तिथि पर दर्शन कर घर लौट रही टकटकपुर निवासी आशु दा की पत्नी गीता देवी को भोजूबीर के समीप पुलिस बताकर लूट करने वाले ईरानी गैंग के सदस्यों पर कैंट इंस्पेक्टर ने गैंगस्टर पंजीकृत नहीं किया था। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश के बावजूद ऐसी लापरवाही पर भी पुलिस अफसर कैंट इंस्पेक्टर से नाराज चल रहे थे। ऐसे में संभव है कि हाईकोर्ट के आदेश तक को गंभीरता से न लेने की जानकारी होते ही उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच बिठा दी गई।

Published on:
27 May 2022 07:11 pm
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