
वाराणसी. निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए २६ नवम्बर को मतदान होना है। पुलिस लाइन से पोलिंग पार्टी रवाना की गयी है। यूपी में सरकार तो बदल गयी है, लेकिन व्यवस्था में अभी तक परिवर्त नहीं हुआ। चुनाव के नाम पर तीन दिन से प्राइवेट टैक्सी चालकों को चुनाव ड्यूटी के नाम पर रोक कर रखा गया है।
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जिला प्रशासन को चुनाव में वाहनों की जरूरत होती है, जिसके चलते रोडवेज बस, स्कूली वाहनों के साथ प्राइवेट वाहनों का अधिग्रहण किया जाता है। शनिवार को पुलिस लाइन से पोलिंग पार्टी को लेकर सभी वाहन रवाना हो गये हैं। पुलिस लाइन में कुछ प्राइवेट टैक्सी के चालक भी खड़े थे जो व्यवस्था से बेहद निराश थे। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि आरटीओ से उन्हें पत्र मिला है, जिसमे चुनावी ड्यूटी में वाहन लगाने का निर्देश था। पत्र के अनुसार वह लोग २३ नवम्बर को ही यूपी कॉलेज पहुंच गये थे। कालेज में घंटों इंतजार करने के बाद भी आगे क्या करना है इसकी जानकारी नहीं दी गयी। बाद में बताया गया कि आप लोगों को २४ नवम्बर को सांस्कृतिक संकुल में जाना है। चालकों ने कहा कि आरटीओ से पत्र आया था इसलिए लगन की कमाई छोड़ कर हम लोग २४ को सांस्कृति संकुल पहुंचे थे वहां पर दिन भर बैठाये रखा गया था फिर कहा गया कि २५ नवम्बर को पुलिस लाइन पहुंचना है। शनिवार को दिन भर हम लोग अपने वाहन के साथ पुलिस लाइन में डटे रहे। इसी बीच एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शाम तक रहना, यदि वाहन की जरूरत नहीं होगी तो तुम लोग को वापस भेज दिया जायेगा। इसके बाद से हम लोग पुलिस लाइन में ही डटे हुए हैं।
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कहा होगा भुगतान, यह बताने वाला कोई नहीं
टैक्सी चालकों ने कहा कि तीन दिन उन्होंने कोई काम नहीं किया है। इस समय लगन चल रही है इसलिए हम लोगों की अच्छी कमाई होती थी, लेकिन चुनाव में वाहन लग जाने के चलते तीन दिन से एक पैसा नहीं मिला है। यहां पर तीन दिन तक वाहन रोके रखने के बदले में कुछ पैसा मिलेगा की नहीं। यह बताने वाला कोई नहीं है, यदि पैसा नहीं मिला तो हम लोगों को जबरदस्त नुकसान होगा।
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इन लोगों को भी लग सकता है झटका
रोडवेज की बस को भुगतान नहीं होता है तो यह शासन का ही विभाग है, लेकिन प्राइवेट स्कूल की बस, प्राइवेट बड़े व छोटे वाहन की कमाई भी चुनाव के चलते ठप पड़ी हुई है, ऐसे में इन लोगों को भुगतान नहीं होगा तो बड़ा आर्थिक झटका लगेगा।
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