17 अक्टूबर को है पर्व, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. यूपी से मानसून विदा ले चुका है लेकिन मौसम में फिर से बदलाव की बयार बह सकती है। 17 अक्टूबर को होने वाले करवा चौथ को लेकर महिलाओं ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। करवा चौथ की पूजा करने के बाद महिलाएं चांद का दीदार करती है और फिर अपने चालन से अपने पतिदेव को देखती है। ऐसे में महिलाओं का व्रत तभी पूरा हो सकता है जब उन्हें चांद दिखायी दे। मौसम वैज्ञानिक की माने तो एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर में आने वाला है।
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विक्षोभ का असर अधिक हुआ तो 17 की शाम से ही आसमन में बादल छा सकते हैं। ऐसा होने पर व्रती महिलाओं को चांद का दीदार करने में दिक्कत हो सकती है। १८ अक्टूबर को बारिश होने की भी संभावना जतायी जा रही है। यदि मौसम वैज्ञानिक की पूर्वानुमान सही साबित होता है तो करवा चौथ के दिन महिलाओं की परेशानी बढ़ सकती है। पूर्वांचल की बात की जाये तो इस समय मौसम शुष्क बना हुआ है। दिन में तेज धूप निकल रही है और व भोर में हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है।
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बारिश होने पर ठंड में होगी बढ़ोतरी
मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय की माने तो पश्चिम विक्षोभ के असर के चलते पूर्वांचल में हल्की बारिश हो सकती है। यह तभी संभव है जब विक्षोभ का अधिक असर यहां तक आये। विक्षोभ के चलते आसमान में बादल छा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि हल्की बारिश हो जाती है तो ठंड में तेजी से बढ़ोतरी होगी। यदि बारिश नहीं भी होती है तो भी दीपावली तक ठंड का अच्छा असर दिखायी दे सकता है। इस बार बारिश अच्छी हुई है इसलिए ठंड भी अच्छी पडऩे की संभावना है।
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