-आईआईटी बीएचयू और कृषि विज्ञान संस्थान ने मिल कर किया है तैयार
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय अब न केवल किसानों की समस्या दूर करगे बल्कि उन्हें अपनी आय बढाने के टिप्स भी देगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में RKY-Speed कृषि उद्योग संवर्धन केंद्र चालू हो गया है। कृषि सहकारिता एवं कृषि कल्याण मंत्रालय के सहयोग से कार्यान्वित इस केंद्र में दो चरणों में नवोन्मेष को प्रशिक्षण एवं नए उद्योग लगाने में सहयोग किया जाता है। प्रथम चरण जिसे अंकुरण कहते है। आईआईटी बीएचयू और कृषि विज्ञान संस्थान के साझा सहयोग से तैयार इस केंद्र का उद्धाटन शुक्रवार को कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो रमेश चंद ने किया।
उद्घाटन के मौके पर केंद्र की व्यवसाय प्रबंधक सोनल शुक्ला ने बताया कि इसके अंतर्गत नवोन्मेष संबंधी नई परियोजनाओं के लिये छात्रों एवं किसानों को 2 महीनें का प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रतिभागियों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। नए अनवेषों के विकास के लिए 5 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके दूसरे चरण में चयनित अभ्यर्थियों को उनके नवोन्मेषों के व्यवहारिक उपयोग के रुप में विकसित करने तथा अपना स्टार्ट-अप शुरू करने के लिये 25 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
संस्थान के निदेशक प्रो रमेश चंद ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से किए जाने वाले नवोन्मेषों से किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ ही उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह केंद्र विशेष रुप से कृषि एवं प्रोद्योगिकी के छात्रों को साथ काम करने का मंच प्रदान करेगा।
संकाय प्रमुख प्रो एपी सिंह ने कहा कि बीएचयू का प्रोद्योगिकी संस्थान एवं कृषि विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर काम करने से महामना के विचारों तथा विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को सामान्य मानव विशेष रुप से किसानों की जीवन यापन को सुदृढ़ करने में विशेष योगदान होगा।
इस अवसर पर संस्थान के विभागाध्यक्षों डॉ राम मंदिर सिंह, डॉ बि.जिर्ली, डॉ यशवंत सिंह के साथ डॉ ए.के.नेमा, डॉ राकेश सिंह, डॉ पी.के.सिंह के अतिरिक्त केंद्र में कार्य कर रहे छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे। समन्वयन ट्रेनिंग प्लेशमेंट सेल के आचार्य अधीक्षक प्रो बीकेचन्दोला ने किया जबकि संस्थान के आंतरिक गुणवत्ता आश्वान केंद्र के समन्वयक प्रो रमेश कुमार सिंह ने आभार जताया।