
वाराणसी के छात्र सूर्यदीप ने टॉप 10 में बनाई जगह, PC- Patrika
काशी के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब 20 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी छात्र ने हाईस्कूल की प्रदेश स्तरीय 'टॉप-10' मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित 10वीं के परिणामों में पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के सूर्यदीप प्रजापति ने न केवल जिला टॉप किया, बल्कि दो दशकों के सूखे को खत्म करते हुए वाराणसी का परचम पूरे प्रदेश में लहरा दिया। जैसे ही यह खबर कॉलेज पहुंची, छात्र की मेहनत और गुरु के अटूट विश्वास का ऐसा संगम दिखा कि प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव अपने आंसू रोक नहीं पाए और खुशी से फूट-फूट कर रोने लगे।
जैसे ही रिजल्ट स्क्रीन पर सूर्यदीप का नाम जिले के टॉपर के रूप में उभरा, कॉलेज के प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे। प्रिंसिपल को सूर्यदीप की प्रतिभा पर इतना भरोसा था कि उन्होंने रिजल्ट आने से पहले ही उसे अपने ऑफिस में बुलाकर बैठा लिया था। परिणाम देखते ही उन्होंने रुंधे हुए गले से जिलाधिकारी और डीआईओएस (DIOS) भोलेंद्र प्रताप सिंह को फोन किया और भावुक होते हुए कहा- सर, मेरा बच्चा टॉपर बन गया है, प्लीज आप कॉलेज आइए।
प्रिंसिपल सुमीत श्रीवास्तव ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार सूर्यदीप को क्लास में देखा था, तभी उसकी कुशाग्र बुद्धि को देखकर भांप लिया था कि यह बच्चा एक दिन प्रदेश या जिले का नाम रोशन करेगा। उन्होंने साझा किया कि, मुझे और मेरी पूरी टीम को सूर्यदीप से बहुत उम्मीदें थीं। नवरात्रि के दौरान जब मैं विंध्याचल धाम दर्शन करने गया था, तब मैंने विशेष रूप से माता जी से सूर्यदीप की सफलता के लिए प्रार्थना की थी।
सूर्यदीप की इस उपलब्धि ने न केवल राजकीय क्वींस कॉलेज का मान बढ़ाया है, बल्कि यह गुरु-शिष्य के उस पवित्र रिश्ते को भी दर्शाता है जहां एक शिक्षक अपने छात्र की सफलता को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ा मानता है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने गुरुवार शाम 4 बजे इंटरमीडिएट (12वीं) का परीक्षा परिणाम जारी कर छात्रों का इंतजार खत्म कर दिया है। इस वर्ष के नतीजों में कुल 80.38% विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। बोर्ड ने इस बार परीक्षा समाप्त होने के मात्र 42वें दिन परिणाम जारी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जबकि पिछले वर्ष 2025 में परिणाम आने में 44 दिन का समय लगा था। हालांकि, पिछले साल के 90.11% के मुकाबले इस वर्ष उत्तीर्ण प्रतिशत में करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई है, जो मूल्यांकन की शुचिता और कड़ाई की ओर इशारा करती है।
Updated on:
23 Apr 2026, 9:52 PM IST
Published on:
23 Apr 2026, 9:52 PM IST
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