वाराणसी

Sawan 2018 : सावन शुरू, भूलकर भी न करें हरी सब्जियों का सेवन, होगा ये बुरा परिणाम

Shravan 2018 : सावन माह में विधि पूर्वक शिवजी की आराधना करने से शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। इस माह में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और संसार के पालनहार के रूप में शिव जी ही कार्य करते हैं।
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Updated: 28 Jul 2018, 4:08 PM IST
Lord Shiv
भगवान शिव

वाराणसी. आज से भगवान शिव का सबसे मनपसंद महीना सावन शुरू हो रहा है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे खास माना जाता है। इस माह में विधि पूर्वक शिवजी की आराधना करने से शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक इस माह में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और संसार के पालनहार के रूप में शिव जी ही कार्य करते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना करते समय कुछ कामों को करने से बचना चाहिए।

1- शिव कृपा पाने के लिए पूरे महीने सात्विक भोजन करना चाहिेए इस कारण सावन के महीने में मांस,मदिरा,प्याज और लहसुन का सेवन बंद कर देना चाहिए। सावन के महीने में इन सबके सेवन को पाप माना जाता है।


2-धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि सावन में हरी सब्जी का त्याग कर देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। लेकिन सावन में साग में पित्त बढ़ाने वाले तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। यही कारण है कि सावन में साग खाना वर्जित माना गया है। साथ ही कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।


3-सावन में बैंगन को खाना उत्तम नहीं माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्ध कहा गया है। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।

4-सावन में संभव हो तो दूध का सेवन न करें। यही बात बताने के लिए सावन में शिव जी का दूध से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। वैज्ञानिक मत के अनुसार इन दिनों दूध पित्त बढ़ाने का काम करता है।


5-सावन में शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए।


6-सावन के महीने में किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचना चाहिए। अन्यथा शिवजी की पूजा में मन नहीं लग पाएगा।


7-इस महीने में अगर घर के दरवाजे पर सांड या गाय आ आए तो उसे मार कर भगाने की बजाय कुछ खाने को दें। सांड को मारना श‌िव की सवारी नंदी का अपमान माना जाता है।


8-सावन के महीने में इस बात का ध्यान रखें कि बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान न करें।

Updated on:
28 Jul 2018, 4:08 PM IST
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