Weather Forecast: यूपी में चार दिन लगातार बारिश के बाद अब कड़ाके की ठंड का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक यूपी में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान रात में गलन बढ़ जाएगी।
Weather Forecast in UP: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से ज्यादातर क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो फरवरी में औसत बारिश का रिकार्ड 14.3 मिमी है। इस बार यह रिकार्ड टूट गया है। रविवार और सोमवार को अकेले कानपुर शहर में 26.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। जो फरवरी में होने वाली औसत बारिश 14.3 मिमी से 12.1 मिमी ज्यादा है। इससे पहले 2013 में पांच फरवरी को 44.4 मिमी पानी बरसा था। इतना ज्यादा पानी बरसने से जिन खेतों में पानी की उचित निकासी नहीं है वहां फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। इसी के साथ अब एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते रात को गलन बढ़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। उन्होंने बताया कि बारिश के असर और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से कड़ाके की ठंड एक बार फिर वापसी मार सकती है। इसके अलावा यूपी के करीब 39 जिलों में मंगलवार को भी बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। सात फरवरी से फिर मौसम साफ हो जाएगा और धूप निकलेगी। 15 फरवरी के बाद सर्दी का असर काफी कम हो जाएगा।
चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं औद्योगिक विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि इस सर्दी के सीजन में उत्तर प्रदेश बारिश की कमी से जूझता रहा। जनवरी का महीना राज्य के पश्चिमी हिस्से के लिए काफी खराब था। ऐसा ही उत्तर भारत के अन्य मैदानी इलाकों के लिए रहा था। वहीं, पिछले दिनों हुई बारिश से पूर्वी भागों की स्थिति बेहतर रही, फिर भी 72% बारिश की कमी थी। वहीं, पश्चिमी भागों में 92% बारिश की भारी कमी थी। हालांकि, फरवरी महीने की शुरुआत उत्तर प्रदेश के अधिकांश राज्यों में बारिश की कमी और सूखा खत्म होने की उम्मीद के साथ हुई। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
इससे पहले फरवरी महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी। 01 फरवरी को अच्छी बारिश और 02 और 04 फरवरी को हल्की बारिश ने सूखे के दौर को लगभग खत्म कर दिया। हालाँकि, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी शीतकालीन बारिश का दौर चला। इस दौरान भारी बारिश ने यूपी के दक्षिण-पश्चिम के जिले बरेली, अलीगढ, मेरठ से लेकर उत्तर-पश्चिमी भाग आगरा, मथुरा, झाँसी को कवर किया।
राज्य के मध्य भागों और पूर्वी सीमाओं पर भी बारिश हुई, जिसमें कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, हमीरपुर से लेकर वाराणसी, गोरखपुर और ग़ाज़ीपुर शामिल हैं। बारिश के कारण दिन के दौरान पारा का स्तर उच्च किशोरावस्था और निम्न बीस डिग्री तक गिर गया और रात के दौरान निम्न और मध्य किशोरावस्था तक काफी बढ़ गया। पारा कम होने के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में चल रही शीत लहर की स्थिति कम हो गई है।
अब बारिश गतिविधियां बंद हो जाएंगी, लेकिन आसमान में धुंधली स्थिति दिनभर बनी रहेगी। बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाने का अनुमान है। दिन चढ़ने के साथ मौसम बेहतर होने की संभावना है। आने वाले दिनों में मौसम ने सुधार आने की संभावना है। हालांकि सप्ताह के दौरान तलहटी की ढलानों से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। इससे सुबह के तापमान में गिरावट आएगी। राज्य के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति फिर से लौट सकती है और गंगा के मैदानी इलाकों की तलहटी अधिक संवेदनशील होगी। कानपुर मण्डल मैं अब जनवरी बाली सर्दी लोटने की कोई संभावना नहीं है वहीं, अगले सप्ताह बारिश का अगला दौर शुरू हो सकता है।