वाराणसी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा’ का किया ऐलान, ईरान-अमेरिका युद्ध पर भी दिया बयान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 'गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा' का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी को दिए गए 40 दिन में से 30 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला...

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Mar 01, 2026
pc- patrika

वाराणसी: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्वयं को असली हिंदू साबित करने और गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए दिए गए 40 दिन के समय में से 30 दिन की अवधि पूर्ण हो चुकी है। इसको लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस वार्ता की है। शंकराचार्य ने 'गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा' का ऐलान किया है।

लखनऊ कूच करेंगे शंकराचार्य

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए गए समय सीमा में से 30 दिन पूरे हो चुके हैं और 11 मार्च को 'गोप्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा' के लिए समय सीमा घोषित की गई है। इसके लिए वह लखनऊ के लिए कूच करेंगे। उन्होंने देशभर के धर्माचार्य से इस धर्म युद्ध में शामिल होने की अपील की है।

लखनऊ कूच से पहले होगा हनुमान चालीसा का पाठ

शंकराचार्य ने बताया कि 6 मार्च को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर वह काशी से प्रस्थान करेंगे। इससे पहले वह संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। शंकराचार्य ने बताया कि पूजा पाठ के बाद जौनपुर सुल्तानपुर, रायबरेली होते हुए वह लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्होंने गौ माता को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि 11 मार्च का लखनऊ आगमन शासन के लिए अंतिम चेतावनी सिद्ध होगा।

धर्म युद्ध समाप्त इसलिए लड़े जा रहे भौतिक युद्ध: शंकराचार्य

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले पर भी शंकराचार्य ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम इस युद्ध में शांति के लिए कामना नहीं करते। हम चाहते हैं कि जिस भी देश को ज्यादा घमंड हो, वह इस युद्ध में टूट जाए। उन्होंने कहा कि विश्व में धर्म युद्ध की समाप्ति हो चुकी है, इसीलिए अब भौतिक युद्ध लड़े जा रहे हैं।

युद्ध के बीच फंसे भारतीयों को निकाला जाए: शंकराचार्य

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा है। शंकराचार्य ने कहा कि ट्रंप शांति और नोबेल पुरस्कार की रेस में शामिल होते हैं। शांति की बात भी करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ वह युद्ध की तैयारी भी करने में लगे रहते हैं। शंकराचार्य ने भारत सरकार से मांग की है कि इस युद्ध के बीच में फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द वापस उनके देश लाया जाए।

Published on:
01 Mar 2026 04:37 pm
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