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वाराणसी के टकसाल शूटआउट केस में फैसला, कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी, पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने किया था मुकदमा

टकसाल सिनेमा के बाहर हुए बनारस के बहुत चर्चित शूटआउट मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। दरअसल, यह मामला 24 साल पुराना है और इस मामले में पीड़ित पक्ष पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एमएलसी विनीत सिंह, विधायक अभय सिंह समेत उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज कराया था...

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फाइल फोटो

वाराणसी: कैंट थानाक्षेत्र के टकसाल सिनेमा के बाहर हुए शूटआउट केस में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने मामले में आरोपी बनाए गए विधायक अभय सिंह एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर कर दिया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह अहम फैसला दिया है।

24 साल पुराने केस में बरी

24 साल तक चले इस मुकदमे में कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने उनके वाहन पर फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया था और इस मामले में एमएलसी विनीत सिंह, विधायक अभय सिंह समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस शूटआउट में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के गनर और ड्राइवर को गोली लगी थी।

दरअसल, इस मामले में विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह और सत्येंद्र सिंह को पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने आरोपी बनाया था। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने आरोप लगाया था कि कैंट थाना क्षेत्र के टकसाल सिनेमा के बाहर सन 2002 में उनके वाहन को रोक कर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस फायरिंग की घटना में उनके ड्राइवर व गनर को गोली लगी थी।

क्या बोले एमएलसी विनीत सिंह

कोर्ट से फैसला दिया जाने के बाद एमएलसी विनीत सिंह ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि वह कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि यह फर्जी मुकदमा दायर किया गया था और उन्हें और अन्य लोगों को इसमें जानबूझकर फंसाया गया था। उन्होंने बताया कि यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है और न्याय के इस मंदिर में देर है लेकिन अंधेर नहीं।

क्या बोले विधायक अभय सिंह

कोर्ट से बरी किए जाने के बाद विधायक अभय सिंह ने कहा है कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं और उन्हें जानबूझकर इस फर्जी मुकदमे में फसाया गया था। अभय सिंह ने बताया कि जिस वक्त यह घटना हुई उसे वक्त वह अस्पताल में भर्ती थे। इसके साथ ही जिस गाड़ी पर गोलियां चली थी, उस गाड़ी का भी अता-पता नहीं चल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ मिलकर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे यह मुकदमा किया गया था। उन्होंने बताया कि धनंजय सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। धनंजय सिंह ने सुरक्षा लेने के लिए हाईकोर्ट में फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया था।