वाराणसी

सपा के इस बड़े नेता के सहारे अखिलेश यादव को झटका दे सकती है बीजेपी

महागठबंधन में सेंधमारी की तैयारी, सफल हुआ दांव तो बदल जायेगा समीकरण
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Updated: 26 Aug 2018, 1:11 PM IST
Amit Shah
Amit Shah

वाराणसी. बीजेपी ने यूपी चुनाव से पहले बसपा में बड़ी सेंधमारी की थी जिसका फायदा विधानसभा चुनाव में हुआ था। बीजेपी के निशाने पर अब अखिलेश यादव की पार्टी सपा आ गयी है। भारतीय जनता पार्टी ने सपा के इस बड़े नेता को अपने पाले में करने में कामयाब हो जाती है तो नया समीकरण बन सकता है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी को फिर से पीएम बनने से रोकने के लिए महागठबंधन तैयार हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2019 में आपसी मतभेद भुला कर राहुल गांधी, मायावती व अखिलेश यादव एक मंच पर आने को तैयार हो गये हैं। बीजेपी जानती है कि महागठबंधन में सीधा मुकाबला होने पर उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है ऐसे में बीजेपी ने सपा में सेंधमारी की योजना बनायी है। बीजेपी के लिए इस काम में मुलायम परिवार का विवाद संजीवनी साबित हो सकता है। अखिलेश यादव व शिवपाल यादव के बीच का विवाद किसी से छिपा नहीं है। शिवपाल यादव ने सार्वजनिक रुप से कह दिया है कि यदि पार्टी में उन्हें बड़ी भूमिका नहीं मिलती है तो वह दूसरे दल में जा सकते है। शिवपाल यादव के इस बयान से सपा में खतरे की घंटी बज गयी है।
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पहले अमर सिंह फिर शिवपाल यादव ने की सीएम योगी की तारीफ
राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने सबसे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ की तरीफ की थी अब शिवपाल यादव ने भी सीएम योगी की तारीफ कर बीजेपी से अच्छे संबंध होने का संकेत दिया है। बीजेपी के पास यूपी में बड़ा यादव नेता नहीं है जिसके चलते यादव वोट बैंक में सेंधमारी करना कठिन हो गया है। बीजेपी भी चाहती है कि यदि शिवपाल यादव उनके पाले में आ जाते हैं तो महागठबंधन को तगड़ा नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
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जनाधार व रणनीति दोनों ही आयेगी काम
शिवपाल यादव का जनाधार व रणनीति दोनों ही बीजेपी के काम आ सकती है। यूपी चुनाव 2017 के समय माना जाता था कि अखिलेश यादव परिवारिक विवाद के चलते सही ढंग से चुनाव प्रचार नहीं कर पाये थे और सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस से गठबंधन करना पड़ा था लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर के आगे यह गठबंधन फेल हो गया था। शिवपाल यादव के पास सपा की सारी जानकारी है यदि शिवपाल यादव ने सपा को छोड़ कर बीजेपी का दामन थाम लिया तो सपा का नुकसान होना तय है। शिवपाल की जानकारी के आधार पर बीजेपी नयी रणनीति बना सकती है जिससे महागठबंधन को नुकसान हो सकता है। फिलहाल शिवपाल यादव के बगावती सुर से सपा की परेशानी बढ़ गयी है।
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