श्री राम नवमी के मौके पर शिव की नगरी काशी में भगवान शंकर के पूज्य श्री राम का जन्मोत्सव धूम-धाम से मनाया गया। इस मौक पर मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्री राम का पूजन और आरती उतार कर समूचे विश्व को भाईचारा, गंगा जमुनी तहजीब और विश्व शांति का संदेश दिया।
वाराणसी. भगवान शिव की नगरी में श्री राम नवमी के मौके चारों ओर राम नाम के जयकारे लग रहे हैं। एक तरफ जहां आज के दिन नौ दिवसीय नवरात्र की पूर्णाहुति हो रही है वहीं देवालयो में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिरों में, "भय प्रकट कृपाला, दीन दयाला..." का सस्वर पाठ हो रहा है। गंगा जमुनी तहजीब वाली काशी में इस मौके पर मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्री राम का पूजन कर आरती उतारी और समूचे विश्व को भाईचारा, गंगा जमुनी तहजीब और विश्व शांति का संदेश दिया।
संकट मोचन मंदिर में आतंकी हमले के बाद शुरू हुई ये परंपरा
संकट मोचन मंदिर पर इस्लामी आतंकवादियों ने जब बम से धमाका कर सैकडों लोगों की सिर्फ जान ही नहीं ली बल्कि हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत और शक की दीवार खड़ी कर दी, तब विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की सैकडों मुस्लिम महिलाओं ने नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में संकट मोचन मन्दिर जाकर मन्दिर परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया, तब कहीं जाकर नफरत की आग कम हुई और सद्भावना और भरोसे का वातावरण बना।
आतंकी हमले के बाद ही रामनवमी पर मुस्लिम महिलाओं ने किया था हनुमान चालीसा का पाठ
उसी समय से हर रामनवमी पर भगवान श्रीराम की आरती मुस्लिम महिलाओं के लिए परम्परा बन गयी। परंपरा का निर्वहन करते हुए रामनवमी पर रविवार को मुस्लिम महिला फाउंडेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में मुस्लिम महिलाओं ने हिन्दू महिलाओं के साथ मिलकर लमही के सुभाष भवन में भगवान श्रीराम एवं माँ जानकी की विधि विधान से आरती की। श्रीराम महाआरती के मुख्य अतिथि पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर एवं काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष महंत बालक दास महाराज ने मुस्लिम महिलाओं के साथ भगवान राम की स्तुति की।
काशी से ही सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया जाता है
साम्प्रदायिक सौहार्द्र का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है, जहां सभी धर्मों के लोग भारत की उस महान संस्कृति को एक साथ जी रहे हैं जिसकी कल्पना हर देश अपने देश को समृद्ध बनाने के लिए करता है। मुस्लिम महिलाओं ने नाजनीन अंसारी द्वारा उर्दू में लिखा भजन गाया और उर्दू में लिखी आरती का गायन किया। फूलों से उर्दू में श्रीराम लिखा था, सजावटी दीपक तैयार किये गए और पूरे श्रद्धा के साथ महाआरती कर नफरत फैलाने वाले कट्टरपंथियों को जबाब दिया।
भगवान श्री राम अखण्ड ब्रह्मांड के नायकः बालक दास
इस अवसर पर मुख्य अतिथि महंत बालक दास ने कहा कि भगवान श्रीराम संस्कृति के अखण्ड ब्रह्माण्ड के नायक हैं। कोई भी उनसे अलग नहीं। बिना राम के अखण्ड भारत के रहने वालों की कोई पहचान नहीं हैं। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि भारतभूमि का जो हिस्सा प्रभु श्रीराम से अलग हुआ, आज वह नफरत, हिंसा और गरीबी की दुर्दशा झेल रहा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सभी हिंसा की आग में जल रहे हैं क्योंकि ये सब अपने पूर्वजों से अलग हो गए। आज की तारीख में ये देश भगवान श्रीराम की स्तुति करें और भगवान श्रीराम के रास्ते पर चलें तो फिर से शांति और समृद्धि पा सकते हैं।
राम दरबार के पूजन से आती है परिवार में समृद्धि
रामपंथ के पंथाचार्य डॉ राजीव श्रीगुरु ने कहा कि भगवान श्रीराम के साथ उनके तीनों भाइयों की पूजा और चारो माताओं की स्तुति से घर परिवार में समृद्धि आएगी और शांति बनी रहेगी। श्रीराम महाआरती में नगीना बेगम, खुशी रमन भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, इली भारतवंशी, डॉ० मृदुला जायसवाल, नाजमा, रुखसाना बीबी, रुखसार बेगम, जफरीन, गुंजा बेगम, मेहफात्मा, नाजिया बेगम, नगीना, तबस्सुम, शमीमा, तहमीना, सोनी बेगम, सबीना बेगम आदि महिलाएं शामिल रहीं।