
वाराणसी. चंदौली के पूर्व सांसद व शिवपाल यादव के करीबी माने जाने वाले जवाहर जायसवाल व उनके पुत्र गौरव जायसवाल की मुश्किले बढ़ गयी हैं। बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या में आरोपित पिता व पुत्र को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने जवाहर जायसवाल व गौरव जायसवाल को फरार घोषित कर दिया है।
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कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपियों के स्थाई व अस्थाई आवास, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, तहसील, कोर्ट परिसर के साथ समाचार पत्रों में धारा 82 के तहत फरार घोषित होने की सूचना प्रकाशित की जाये। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय के आवदेन पर अपना निर्णय सुनाया है। पुलिस ने आवेदन में कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है। दोनों आरोपी अपने संबंधियों के जरिए चल व अचल सम्पत्ति को हटवा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी रोकने को लेकर हाईकोर्ट ने भी कोई स्थगन आदेश नहीं दिया है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाये। कोर्ट ने कैंट पुलिस के आवेदन को मानते हुए कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी थी लेकिन आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। दोनों आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर करने के लिए आवेदन भी नहीं किया है इसलिए दोनों को फरार घोषित किया जाता है।
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शिवपाल यादव के हैं करीबी, मायावती सरकार में जा चुके हैं जेल
जवाहर जायसवाल को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है। सोयुपर शराब कांड को लेकर जवाहर जायसवाल लम्बे समय तक जेल में थे। जवाहर जायसवाल के भाई हीरा जायसवाल के यहां से दो दिन पहले ही आयकर विभाग ने १०० करोड़ की कर चोरी पकड़ी थी। जवाहर जायसवाल व उनके पुत्र गौरव जायसवाल पर बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या करने का आरोप लगा है। 23 अप्रैल 2012 को जब बैंककर्मी महेश जायसवाल की अर्दली बाजार तिराहे पर गोली मार कर हत्या कर दी थी। मृतक महेश के भाई गुड्डू जायसवाल ने जवाहर जायसवाल व गौरव जायसवाल को आरोपी बनाया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले की फिर से विवेचना हो रही है।
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