वाराणसी

तेज बहादुर यादव की कहानी में आया नया मोड, यहां करना चाहते हैं सरेंडर

न्यायालय में दिया प्रार्थना पत्र, जानिए क्या है कहानी

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May 07, 2019
Tej Bahadur Yadav

वाराणसी. बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव ने बड़ा दांव खेल दिया है। तेज बहादुर यादव ने आत्मसमर्पण करने के लिए मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पशुपतिनाथ मिश्रा की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट ने कैंट पुलिस ने इस मामले में आख्या तलब करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 9 मई निर्धारित की है।
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तेज बहादुर यादव ने प्रार्थना पत्र में कहा कि वाराणसी संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा प्रत्याशी के रुप में नामांकन किया था लेकिन नामांकन निरस्त हो गया था। इसके बाद मीडिया के जरिए पता चला कि नामांकन निरस्त हो जाने के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मेरे खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। तेज बहादुर यादव ने कहा कि यदि मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है तो कैंट थाने से आख्या तलब किया जाना आवश्यक है, जिससे आत्मसमर्पण किया जा सके। प्रार्थना पत्र के आधार पर ही कोर्ट ने कैंट पुलिस से आख्या मांगी है। बताते चले कि कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन निरस्त हो जाने के बाद तेज बहादुर यादव के समर्थकों ने नारेबाजी व धरना-प्रदर्शन किया था जिसको लेकर कैंट थाने में एडवोकेट कमलेश चन्द्र त्रिपाठी ने धारा 144 व चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन आदि का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया था जिसके आधार पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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तेज प्रताप यादव ने खेल दिया है बड़ा दांव
तेज बहादुर यादव ने बड़ा दांव खेलते हुए कोर्ट में सरेंडर करने के लिए अर्जी दी है। तेज बहादुर यादव का दो वायरल वीडियो पहले ही उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एक वायरल वीडियो में वह शराब पीते हुए दिखायी दे रहे हैं जबकि दूसरे वायरल वीडियो में 50 करोड़ मिलने पर पीएम नरेन्द्र मोदी की 72 घंटे में हत्या करने की बात कर रहे हैं। तेज बहादुर यादव ने इन वायरल वीडियो को बीजेपी की साजिश बताते हुए फर्जी बताया है। इस मामले को लेकर भी तेज बहादुर यादव की एसएसपी से शिकायत की गयी है। माना जा रहा था कि इस मामले को लेकर तेज बहादुर यादव पर कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन तेज बहादुर यादव ने खुद ही सरेंडर करने के लिए प्रार्थना पत्र देकर बड़ा दांव खेल दिया है। अब तेज बहादुर यादव को पुलिस गिरफ्तार या फरार नहीं दिखा पायेगी। क्योंकि वह खुद कोर्ट में जाकर सरेंडर करने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। तेज बहादुर यादव का दांव सफल होता है तो विरोधी खेमे की परेशानी बढ़ सकती है।
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Published on:
07 May 2019 06:19 pm
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