वाराणसी

यूपी की यह 26 सीटे तय करेंगी कि कौन दल बनेगा विजेता

पीएम नरेद्र मोदी की संसदीय सीट भी शामिल, वर्ष 2014 में 25 में से 26 सीटों पर बीजेपी गठबंधन को मिली थी जीत
4 min read
• •
Updated: 11 Mar 2019, 2:02 PM IST
UP Political Leader Photo
UP Political Leader Photo

वाराणसी. दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर जाता है। यूपी में जिस दल को अधिक सीट मिलती है उसकी केन्द्र की सत्ता में दावेदारी मजबूत हो जाती है। बीजेपी ने वर्ष 2014में पहली बार केन्द्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी थी उसमे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उत्तर प्रदेश की की जहां की 80 सीटों में से बीजेपी गठबंधन को 73 सीट मिली थी। प्रदेश की राजनीति में वही दल सफल होता है जो पूर्वांचल की 26 सीटों के कठिन समीकरण को साधे। ऐसे में सभी दलों की निगाहे इन सीटों पर है। तीन चरण में इन सीटों पर चुनाव होने वाला है। इस रिपोर्ट के जरिए जानते हैं कि पिछले चुनाव में किस दल को सफलता मिली थी और अब कौन सा दल इस सीट से चुनाव लड़ सकता है। खास बात है कि इन 26 में से 25 सीटों पर बीजेपी गठबंधन को जीत मिली थी इसलिए बीजेपी के लिए यह सीट अधिक प्रतिष्ठा का प्रश्र बन चुकी है।








पूर्वांचल की 26 सीटों पर पांचवे चरण से चुनाव आरंभ होगा। इन सीटों पर 6, 12 व 19 मई को चुनाव कराये जायेंगे। मतदान प्रतिशत पर इन मौसम की मार पड़ सकती है। गर्मी के चलते मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाना आसान नहीं होगा। जीत का ताज किस दल के सिर पर होगा। इसका खुलासा २३ मई को चुनाव परिणाम आने के बाद होगा।

6 मई को पांचवे चरण में पूर्वांचल की इन सीटों पर होगा मतदान
कोशांबी व फतेहपुर
12 मई को छठवे चरण के लिए इन सीटों पर होगा मतदान
प्रतापगढ़, इलाहाबाद, बस्ती, संत कबीरनगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर व भदोही
19 मई को सातवें चरण के लिए इन सीटों पर होगा मतदान
महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर व राबर्टसगंज

पूर्वांचल की इन वीवीआईपी सीटों पर होगा दिलचस्प मुकाबला
पूर्वांचल की प्रतापगढ़, इलाहाबाद, गोरखपुर, कुशीनगर, बनारस, देवरिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर सीटों को वीवीआईपी माना जा रहा है जहां पर जबदरस्त चुनावी मुकाबला देखने को मिल सकता है। कांग्रेस को राहुल गांधी व प्रियंका गांधीके जादू का इंतजार है जो अखिलेश यादव व मायावती को अपने पार्टी के गठबंधन पर भरोसा है। पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की जोड़ी पर बीजेपी को जीताने का दरोमदार रहेगा। जबकि शिवपाल यादव व बाहुबली राजा भैया के प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमाने को तैयार रहेंगे।

गाजीपुर:-वर्ष 2014 में गाजीपुर से बीजेपी के मनोज सिन्हा ने सपा प्रत्याशी शिवकन्या कुशवाहा को चुनाव हराया था बसपा के कैलाश नाथ सिंह यादव को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। सपा व बसपा गठबंधन के तहत इस बार इस सीट से बसपा का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। इस सीट पर बीजेपी व गठबंधन को बीच सीधा मुकाबला हो सकता है यदि कांगं्रेस व अन्य दल से प्रत्याशी उतारे तो किसी भी दल का चुनावी समीकरण बिगड़ सकता है। मंत्री मनोज सिन्हा को पीएम मोदी का खास माना जाता है इसलिए इस सीट का चुनाव परिणाम अपने मायने में खास होगा।

चंदौली:-चंदौली से बीजेपी के डा.महेन्द्रनाथ पांडेय ने चुनाव जीता था और बसपा प्रत्याशी अनिल कुमार मौर्या दूसरे व सपा प्रत्याशी रामकिशुन यादव तीसरे स्थान पर थे इस बार इस सीट से सपा प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण डा.महेन्द्रनाथ पांडेय पर चुनाव को लेकर बड़ी जिम्मेदारी होगीा। कांग्रेस ने अभी इस सीट से प्रत्याशी नहीं उतारा है। इस सीट पर भी बीजेपी व गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई होने की संभावना है।

प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से बीजेपी के सहयोगी अपना दल के हरिवंश ने जीत हासिल की थी जबकि बसपा के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी व सपा के प्रमोद पटेल तीसरे स्थान पर थे इस बार यह सीट बीएसपी को चुनाव लडऩे के लिए मिली है। क्षत्रिय बाहुबली राजा भैया ने अपने भाई अक्षय प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस भी इस सीट से चुनाव जीत चुकी है जबकि बीजेपी ने यह तय नहीं किया है कि यह सीट पार्टी या फिर सहयोगी दल अपना दल को मिलेगी। कुल मिला कर कहा जा सकता है इस सीट पर सभी दल मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे और परिणाम भी चौकाने वाले हो सकते हैं।


इलाहाबाद से बीजेपी के श्याम चरण गुप्त ने चुनाव जीता था और सपा के रेवती रमन सिंह दूसरे व बसपा प्रत्याशी केशरी देवी तीसरे स्थान पर थी इस बार सपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाले इलाहाबाद की सीट पर त्रिकोणीय लडऩे देखने को मिलेगी। यदि कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारती है तो बीजेपी व महागठबंधन के साथ जबरदस्त मुकाबला होने की संभावना है।

गोरखपुर लोकसभा सीट से योगी आदित्यनाथ ने चुनाव जीता था बाद में इस सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा के सहयोग से सपा के इंजीनियर प्रवीन निषाद ने चुनाव जीता था। गठबंधन के तहत अब इस सीट पर सपा प्रत्याशी उतारेगी। सीएम योगी आदित्याथ के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्र बनी इस सीट पर बीजेपी व गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला हो सकता है।

कुशीनगर लोकसभा सीट से बीजेपी के राकेश पांडेय ने चुनाव जीता था। कांग्रेस प्रत्याशी आरपीएन सिंह दूसरे व बसपा के संगम मिश्रा तीसरे स्थान पर थे। गठबंधन के तहत इस सीट पर चुनाव लडऩे की जिम्मेदारी सपा को मिली है। जबकि पूर्वांचल की यह पहली सीट है जहां से कांग्रेस ने पहले ही आरपीएन सिंह को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर त्रिकोणीय लड़ाई होने की संभावना है।

वाराणसी से बीजेपी के नरेन्द्र मोदी ने चुनाव जीता था। सपा प्रत्याशी चौथे व बसपा उम्मीदवार पांचवे स्थान पर आये थे इस सीट पर सपा अपने उम्मीदवार उतारेगी। बीजेपी के लिए सबसे प्रतिष्ठा की सीट बनारस है। कांग्रेस ने इस सीट पर प्रत्याशी को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। इस सीट पर पीएम नरेन्द्र मोदी का सीधा मुकाबला गठबंधन, कांग्रेस या फिर तीनों दलों के संयुक्त प्रत्याशी से हो सकता है।

देवरिया
से बीजेपी के कलराज मिश्र ने चुनाव जीता था जबकि बसपा क नियाज अहमद दूसरे व सपा के बालेश्वर यादव तीसरे स्थान पर थे इस बार यह सीट बसपा उम्मीदवार को चुनाव लडऩे के लिए मिली है। बीजेपी ने ७० साल की आयु से अधिक नेताओं के टिकट काटने का निर्णय को वापस ले लिया है ऐसे में इस सीट पर बीजेपी के साथ महागठबंधन व कांग्रेस के बीच मुकाबला हो सकता है।

मिर्जापुर लोकसभा सीट से बीजेपी की सहयोगी दल अपना दल की अनुप्रिया पटेल चुनाव जीती थी। बसपा के समुद्र बिंद दूसरे व सपा के सुरेन्द्र सिंह पटेल तीसरे स्थान पर थे इस बार यह सीट सपा को चुनाव लडऩे के लिए मिली है। बीजेपी के सहयोगी दल अनुप्रिया पटेल के लिए यह सीट प्रतिष्ठ का प्रश्र है जिसका परिणाम ही उनके गठबंधन का भविष्य तय करेगा। फिलहाल इस सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।

आजमगढ़:- वर्ष 2014 में इस सीट से मुलायम सिंह यादव ने चुनाव जीता था जबकि बीजेपी के बाहुबली रमाकातं यादव दूसरे व तीसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी गुड्डू जमाली थे इस बार यह सीट महागठबंधन में सपा प्रत्याशी को चुनाव लडऩे के लिए मिली है। मुलायम सिंह यादव इस सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। अखिलेश यादव के लडऩे की संभावना को देखते हुए इस सीट पर महागठबंधन व बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है।

Published on:
Also Read
View All
‘जब बीजेपी समर्थक झगड़े पर उतारू हो जाएं तो समझ लीजिए उनका कैंडिडेट हार रहा’, सपा एमएलसी से धक्का-मुक्की पर सांसद विरेंद्र सिंह

‘रागिनी सोनकर खुद बीजेपी जॉइन करना चाहती हैं’, सपा विधायक के धमकाने के आरोप पर एमएलसी धर्मेंद्र सिंह

MLC Election: वाराणसी में शुरू हुआ मतदान, 75 हजार मतदाता चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि, मैदान में 34 प्रत्याशी

वनवास के बाद भाइयों से मिले भगवान राम, काशी में निभाई गई सदियों पुरानी परंपरा, शाही परिवार भी हुआ शामिल

काशी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नजारा, तीन दिवसीय एयर शो की शुरुआत, महिला पायलट्स भी दिखा रहीं वायुसेना का शौर्य