वाराणसी

सिल्क साड़ी के पैकेट में गांजा! असम से आई खेप को STF ने पकड़ा, कूरियर से पहुंचा था वाराणसी

UP STF news: Varanasi STF: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के परमानंदपुर स्थित एक कूरियर कंपनी के गोदाम से लाखों रुपए का गांजा बरामद किया है। इस दौरान एसटीएफ ने एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया है...
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Updated: 14 Jun 2026, 6:27 PM IST
Up stf workout
पकड़ा गया अभियुक्त, Pc-UP STF

UP STF Good work : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के परमानंदपुर स्थित एक कूरियर कंपनी के गोदाम से लाखों रुपए का गांजा बरामद किया है। इस दौरान एसटीएफ ने एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया है, जिसके पास से गांजा की इस खेप को बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि साड़ी के पैकेट में बंद करके कूरियर के माध्यम से गंजा की खेप मंगाई गई थी और वाराणसी व आसपास के जनपदों में इसकी सप्लाई करनी थी।

यूपी एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के मुताबिक, कई दिनों से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले शातिर तस्करों के बारे में टीम को सूचना प्राप्त हो रही थी। इस संबंध में अधिकारियों द्वारा निर्देश के बाद वाराणसी की यूनिट ने मुखबिर की सूचना पर रोहनिया थाना क्षेत्र के परमानंदपुर इलाके में स्थित TCI-Express courier service के गोदाम पर छापेमारी की।

30 लाख रुपए है कीमत

अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि कूरियर सर्विस के माध्यम से असम से गंजा की खेप मंगाई जा रही है और वाराणसी सहित आसपास के जनपदों में महंगे दामों पर इसकी सप्लाई की जा रही है। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस छापेमारी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम को भी शामिल किया गया और गोदाम पर तलाशी लेने के दौरान सिल्क साड़ी लिखे हुए पैकेट में से गांजा बरामद हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि वजन करने पर गांजा की खेप 123 किलोग्राम पाई गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है। अधिकारियों ने इस दौरान आजमगढ़ जनपद के जहानागंज के रहने वाले राजेश मौर्य के पुत्र प्रेमचंद मौर्या को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया है कि गुवाहाटी के रहने वाले बबलू वरमन के द्वारा गांजा पैक कर कर भेजा जाता था।

ऐसे होता था खेल

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, बबलू द्वारा गुवाहाटी स्थित कूरियर कंपनी के मैनेजर के साथ मिलकर गांजा के पैकेट को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और देवरिया के तस्करों के पास पहुंचाया जाता था। वहीं, वाराणसी में भेजे जाने वाले पैकेट पर सिल्क साड़ी व फर्जी नाम पता की रसीद बना दी जाती थी, जिससे किसी को शक ना हो। तस्कर द्वारा कूरियर कंपनी पर जाकर रसीद पर लिखे फर्जी नंबर को बताकर माल उठा लिया जाता था। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान तस्कर बबलू को 3800 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर किया करते थे। फिलहाल पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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14 Jun 2026, 6:27 PM IST
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