वाराणसी

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में परिजन से लिपटकर रोने वाले सीओ के खिलाफ एनबीडब्ल्यू, वाराणसी की कोर्ट ने रोका वेतन, जानें क्या है मामला

Varanasi latest news: प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर स्थित पटाखा फैक्ट्री में बीते दिनों हुए विस्फोट के मामले में कार्रवाई में जुटे क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ वाराणसी की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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Updated: 7 Sep 2026, 6:43 PM IST
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सीओ सतेंद्र प्रसाद तिवारी (Pc- Kaushambi Police X)

Varanasi Court News: प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर स्थित पटाखा फैक्ट्री में बीते दिनों हुए विस्फोट के मामले में कार्रवाई में जुटे क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ वाराणसी की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों से लिपटकर रोते हुए सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। हालांकि वाराणसी की अदालत ने 2018 से जुड़े एक मुकदमे के मामले में बार-बार गैर हाजिर होने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही अगले आदेश तक उनके वेतन को रोकने का भी आदेश दिया है।

क्या है मामला

दरअसल, 2018 में एससी/एसटी एक्ट के एक मुकदमे में कोर्ट बार-बार गवाही के लिए सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को तलब कर रहा था। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने 2018 के इस मामले में तत्कालीन विवेचन सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। दरअसल, यह मामला राज्य सरकार बनाम तौफीक आलम अंसारी से संबंधित है। इस मामले में विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी की कोर्ट में गवाही होनी थी।

बताया जा रहा है कि पूर्व में 13 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्हें तलब किया गया, लेकिन तिरंगा यात्रा में व्यस्त होने के कारण वह गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद 24 अगस्त को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्ष्य के लिए उपस्थित होने को निर्देश दिया गया था, लेकिन इस दौरान भी वह उपस्थित नहीं हुए। न्यायालय ने इसके बाद एक सितंबर की तिथि को उन्हें पेश होने का आदेश दिया, लेकिन वह उस दिन भी उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसा लग रहा है कि साक्षी जानबूझकर साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं हो रहा है।

गिरफ्तारी का आदेश

कोर्ट में कौशांबी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर को न्यायालय में पेश किया जाए। इसके साथ ही ट्रेजरी विभाग को उनके वेतन के आहरण पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कुमार दुबे ने बताया कि गवाह की लगातार गैर हाजिरी के कारण न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए यह आदेश पारित किया है। विवेचक को आगामी 10 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

Updated on:
7 Sep 2026, 6:43 PM IST
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