Varanasi Crime: वाराणसी में एक दंपति की हत्या कर दी गई। पत्नी का शव घर में और पति का शव घर से दो किमी दूर सड़क किनारे मिला।
Varanasi Crime: वाराणसी के गुरवट गांव में एक दंपति की हत्या कर दी गई। पत्नी का शव घर में मिला, जिसके गले पर फावड़े से प्रहार किया गया था। वहीं, पति का शव घर से दो किमी दूर सड़क किनारे मिला, जिसका गला कसा गया था। पुलिस को उनके कमरे से फावड़ा, जले कपड़े, मोबाइल फोन और कई अन्य सामग्री बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
इस हत्या के मामले में पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर छह लोगों को हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी चंद्रकांत मीणा ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में कई तरह की कहानियां सामने आ रही हैं। यह घटना सोमवार की बताई जा रही है।
आपको बता दें कि राजापुर बाजार निवासी नीरज सिंह का मकान गुरवट गांव के सिवान में है। पिछले तीन महीने से अंबेडकर नगर के सगरा निवासी संतोष सिंह अपनी पत्नी आरती सिंह के साथ किराए पर रहता था। इसके दो महीने बाद पिता के बीमार होने पर संतोष और उसकी पत्नी अपने पैतृक गांव गए थे। सोमवार यानी 12 अगस्त 2024 को संतोष अपनी पत्नी और ससुर साथ लौटा।
ससूर बाबूलाल ने पुलिस को बताया कि घर के एक कमरे में बेटी-दामाद जबकि दूसरे कमरे में वह सो रहे थे। रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच उन्हें जलने की गंध आई। कमरे में जाकर देखा तो बेटी के गले और मुंह से खून निकल रहा था और दामाद रूम में नहीं था। यह देख वह सन्न रह गया और बाहर निकलकर शोर मचाया। शोर सुन आसपास के लोग इकट्ठा हुए। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। दामाद की खोजबीन शुरू हुई तो करीब दो किमी दूर पिच रोड पर उसकी लाश मिली।
सूचना मिलने पर मौके पर फॉरेंसिक टीम के साथ डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीणा, एडीसीपी सरवणन टी., एसीपी सारनाथ डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी पहुंचे। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. के. एजिल रसन ने घटना के खुलासे के लिए चार टीम गठित की हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने घटनास्थल का मुआयना कर बताया कि घटना में लूटपाट या मौके पर कोई कारण स्पष्ट नहीं नजर आया। केस दर्ज कर घटना का खुलासा करने का आदेश दिया गया है। इस क्रम में एक टीम आंबेडकर नगर भी दंपति के पैतृक गांव पहुंची है।
संतोष की पहली पत्नी का निधन हो चुका है। उससे उसे तीन बच्चे हैं, जो अंबेडकर नगर स्थित गांव में रहते हैं। करीब 18 साल पहले संतोष ने आरती से प्रेम विवाह किया था। आरती से कोई बच्चा नहीं है। दोनों चोलापुर के राजापुर में करीब 18 साल से रहते थे। आरती के पिता बाबूलाल ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद में मधुर संबंध थे। संतोष लालपुर स्थित एक टेंट हाउस में पिछले दो दशक से काम कर रहा था। इसी कारण वह वाराणसी में रहने लगा था।