वाराणसी

116 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा: वाराणसी पुलिस ने 4 को किया अरेस्ट, देशभर में दर्ज हैं 143 शिकायतें

Cyber Criminals Arrested in Varanasi: वाराणसी पुलिस ने एक साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस दौरान 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है...
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Aug 23, 2026
Varanasi latest news
Pc-Patrika

Cyber Crime News: वाराणसी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो अन्य आरोपी फरार है, जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया गया है। पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए आरोपी लोगों को पहले बहला-फुसलाकर वा पैसों का लालच देकर उनका बैंक खाता खुलवाते थे और उसी के जरिए ठगी को अंजाम दिया करते थे। पूरे देश में 41 बैंक अकाउंट पर 143 शिकायतें दर्ज थी, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया है।

पैसे को करते थे रोटेट

वाराणसी की साइबर और चेतगंज थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, एनसीआरपी पोर्टल पर 41 बैंक एकाउंट्स के खिलाफ 143 मुकदमे दर्ज हैं, जिन्हें आरोपी हैंडल किया करते थे। पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए लोग एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे, इनमें दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि साइबर फ्रॉड के जरिए अर्जित की गई धनराशि को आरोपी विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर रोटेट किया करते थे, जिससे उसका मूल खाते का पता नहीं चल पाता था और इसी वजह से आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे थे।

कैसे करते थे ठगी

पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम से फर्जी फॉर्म खुलवाया करते थे। इसके बाद फर्म के नाम से कई बैंकों में करंट और सेविंग अकाउंट खुलवाया जाता था। इसके बाद आरोपी खाता धारक से उनके बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज, इंटरनेट बैंकिंग व खाते से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद आरोपी उसे बेटिंग ऐप और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में XePay ऐप नाम से एक Apk फाइल को आरोपी फोन पर इंस्टॉल कर फ्रॉड करने के लिए लोगों द्वारा प्राप्त खातों की डिटेल व इंटरनेट बैंकिंग, यूजर नेम पासवर्ड भी फिट कर दिया करते थे। इस ऐप के जरिए मोबाइल फोन में सिम फॉरवर्डिंग की सेटिंग अपने आप ही ऑन हो जाती थी और ओटीपी आरोपियों के फोन पर चले आते थे। ऐसे में आरोपी दूर बैठकर लोगों के साथ फ्रॉड किया करते थे और फ्रॉड से अर्जित की गई धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर घुमाया जाता था।

क्या हुआ बरामद

पुलिस ने इस मामले में वाराणसी के रहने वाले नीतीश कुमार पांडे को गिरफ्तार किया है, जो पूरे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। उसके अलावा दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा और मोहम्मद रेहान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में प्रतीक तिवारी और रोमिल वर्मा फरार हैं, जल्दी इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों के पास से आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेक बुक, पासबुक, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, शॉपिंग कार्ड समेत कई वाहन भी बरामद हुए हैं।

Updated on:
23 Aug 2026 05:32 pm
Published on:
23 Aug 2026 05:32 pm
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