नवमी तिथि को ही दशमी तिथि के लगने से धर्म की नगरी काशी में सर्वप्रथम रामनगर की प्रसिद्ध रामलीला में रावण वध का मंचन हुआ और देर शाम राव का पुतला जलाया गया। इस दौरान काशी नरेश भी मौजूद रहे।
वाराणसी। असत्य पर सत्य की, बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी सोमवार शाम से ही धर्म की नगरी काशी में मनाया जा रहा है। नवमी तिथि को ही दशमी का मान लगने के साथ ही काशी में सर्वप्रथम रामनगर के किले में महाराज बनारस काशी नरेश ने शस्त्र पूजन की परंपरा का निर्वहन किया। शाही सवारी लीला स्थल के लिए रावण अहइ तो पूरा काशी उनकी अगवानी के लिए पूरे रास्ते उमड़ पड़ा। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया गया। सोमवार को रामनगर की सबसे छोटी लीला रावण वध का मंचन हुआ और एक ही घंटे में यह लीला समाप्त हो गई और राजा वापस किले की तरफ प्रस्थान कर गए।
रावण का हुआ अंतिम संस्कार
रामनगर की रामलीला पूरे देश में अकेली है जहां पुतले के रूप में रावण का विधि विधान से उसके भाई विभीषण द्वारा करवाया जाता है। रावण वध के बाद विभीषण को दुखी देखकर श्रीराम उनसे रावण के अंतिम संस्कार की बता कहते हैं और कुछ ही देर बाद विभीषण रावण के विशाल पुतले में आग लगाते हैं। सोमवार को देर शाम लंका मैदान में रावण का पुतला धू-धू कर जला तो ज्चारों तरफ सियावर रामचंद्र की जय का उद्घोष गूंज उठा। यहां मांस की चौपाइयों के साथ ही रावण के परिजन पूरी विधि से दाह संस्कार करते हैं।
लहरतारा और वरुणा किनारे भी जला रावण
वरुणा और गंगा के संगम पर लात भैरव राम लीला समिति की तरफ से रामलीला का आयोजन किया गया था। इस रामलीला का भी रावण धन सोमवार की शाम हुआ जब श्रीराम ने 31 बाणों से लंकापति रावण का वध किया। उसके बाद रावण का पुतला जलाया गया। इस रामलीला में रावण वध के लिए छोड़े गए बांण को लूटने की होड़ मची थी। कहा जाता है की श्रीराम के बाण घर में रखने से सुख और समृद्धि बनी रहती है। वहीं मंडुआडीह थानाक्षेत्र के लहरतारा प्राइमरी स्कूल के पास भी सोमवार की रात रावण का दहन कर विजयदशमी का पर्व मनाया गया।
आज जलेगा पूर्वांचल का सबसे बड़ा रावण
काशी में आज पूरे पूर्वांचल का सबसे बड़ा रावण जलेगा। यह रावण बनारस रेल इंजन कारखाना में बनकर तैयार है। 75 फिट के रावण के पुतले को करें से खड़ा कराया गया है। इसके अलावा मेघनाथ 65 फुट और कुम्भकर्ण का पुतला 70 फुट का है। इसके पहले रामलीला का मंचन बीएलडब्ल्यू के बच्चे मोनो एक्टिंग के द्वारा करेंगे। वहीं मलदहिया चौराहे पर भी आज शाम रावण का दहन किया जाएगा।