
Vidisha Fevikwik In Eye: मध्यप्रदेश के विदिशा में स्टेशन रोड पर एक महिला की आंख में फेविक्विक भर जाने से अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने आंख की पुतली पर जमी फेविक्विक को हटाया और महिला की चिपकी हुई आंख को खोला। महिला गंजबासौदा की रहने वाली है जो अपने पति के साथ इलाज कराने के लिए विदिशा आई थी।
गंजबासौदा की रहने वाली 26 वर्षीय आरती रैकवार अपने पति राजकुमार के साथ विदिशा में निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए आई थी। रास्ते में आरती की चप्पल टूट गई जिसे जोड़ने के लिए उसने दुकान से 5 रुपये वाला फेविक्विक का ट्यूब खरीदी थी। वो फेविक्विक से चप्पल जोड़ पाती इससे पहले ही फेविक्विक उसकी आंख में चला गया और आंख चिपक गई।
बताया गया है कि आरती ने जैसे ही चप्पल जोड़ने के लिए फेविक्विक का ट्यूब खोला तो तेज प्रेशर के कारण ट्यूब से फेविक्विक उछलकर उसकी आंख में चला गया। आंख में फेविक्विक जाने से आरती की आंख में जलन होने लगी और आंख की पुतलियां चिपक गईं। आरती की हालत देख पति राजकुमार घबरा गया और उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। चिकित्सकों ने जांच कर आरती की आंख को सुन्न किया और फिर मशीन की मदद आंख की पुतली में जमीं फेविक्विक को निकाला। इसके बाद आवश्यक दवाएं और ड्रॉप दी गईं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश साहू ने बताया कि आंख में कुछ भी गिरने पर आंख को रगड़ना नहीं चाहिए। तुरंत ठंडे पानी से धोएं, इससे राहत मिलेगी और फॉरेन बॉडी (बाहरी वस्तु) निकल सकती है। संभव हो तो नजदीकी अस्पताल में तुरंत दिखाएं। अस्पताल दूर हो तो एंटीबायोटिक आई ड्रॉप डाल सकते हैं। डॉक्टरों ने लोगों से किसी भी चीज की छोटी ट्यूब खोलते समय सावधानी बरतने की अपील भी की है।