
Vidisha news: एमपी के विदिशा जिले जगह-जगह जलभराव के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग की ओर से एक ओर जहां संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर डेंगू के लार्वा का सर्वे कार्य भी तेज कर दिया गया है। फिलहाल अभी हाल में 30 जुलाई को केवल एक मरीज डेंगू पॉजिटिव मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लार्वा सर्वे के साथ लोगों को डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
संदिग्ध मरीजों की निजी अस्पतालों के अलावा दो सरकारी केंद्र जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जा रही है। पिछले एक सप्ताह में 127 मरीजों की जांच कराई गई है। इनमें से एक मरीज पॉजिटिव मिला है। उसकी स्थिति सामान्य है। दूसरी ओर से सर्वे अभियान में टीम ने 4514 घरों की जांच की है। इनमें से 45 घरों में डेंगू मच्छर का लार्वा मिला। विभागीय टीमों ने तत्काल लार्वा नष्ट कर संबंधित परिवारों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए। सभी से एहतियात बरतने को कहा गया है।
डेंगू के साथ-साथ मलेरिया की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। बुखार के मरीजों की जांच, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और लार्वा नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। आशा व स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपायों की जानकारी दे रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है।
डेंगू के मरीजों में पिछले डेढ़ वर्ष से काफी हद तक कमी आई है। वर्ष 2024 में 550 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले थे। यह स्थिति बीते वर्षों में सबसे खराब रही है। पिछले वर्ष - 2025 में विभाग की सतर्कता के चलते स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई। पिछले वर्ष केवल 99 मरीजमिले। जनवरी से लेकर जुलाई तक इस वर्ष केवल 8 मरीज मिले हैं।
मरीज मिलने की स्थिति में डेंगू की जांच नियमित रूप से जारी रहती है, लेकिन बारिश की शुरुआत होने पर अभियान तेज कर दिया जाता है। वैसे तो इस वर्ष डेंगू पॉजिटिव मिले मरीजों की संख्या 8 है, लेकिन अभी हाल में 30 जुलाई को एक मरीज मिला है। उसकी स्थिति सामान्य है। - डॉ. टीकाराम, मलेरिया अधिकारी विदिशा