
विदिशा. गुरूवार की दोपहर 01 बजे जल संसाधन विभाग के सम्राट अशोक सागर परियोजना संभाग कार्यालय में उस वक्त अजीबो गरीब स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट से आए हड़ताली कर्मचारियों ने हड़ताल का फार्म भरने के बावजूद आफिस में हस्ताक्षर कर काम करने वाले कर्मचारियों को ढूंढ-ढूंढकर मालाएं पहनाईं। ऐसे में सबसे ज्यादा मजाक तब बना जब वापस होते कर्मचारी नेताओं को किसी ने बताया कि कुछ कर्मचारी कार्यपालन यंत्री के कक्ष में मौजूद हैं।
कर्मचारी नेता वापस लौटे और कार्यपालन यंत्री के कक्ष में जा पहुंचे। यहां कुछ कर्मचारी आंदोलनकारियों के डर के कारण कार्यपालन यंत्री के कक्ष में पीछे की ओर बने टॉयलेट में घुस गए, जिन्हें आंदोलनकारी कर्मचारियों ने वहीं घुसकर माला पहनाई और बाहर निकाला। कर्मचारी नेताओं ने उनके फोटो भी खींचे। इसके बाद उन्होंने आंदोलन में शामिल होने का वादा किया। ये कर्मचारी नेता इसी विभाग के सब डिवीजन में भी गए वहां भी कर्मचारियोंं को मालाएं पहनाईं और फार्म भरने के बावजूद काम पर मौजूद रहने वालों को धिक्कारा। साथ ही उन्हें हड़ताल में शामिल होने के लिए कहा।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष रिछारिया ने बताया कि हम लोग गांधीवादी तरीके से पीएचई, डाइट, जलसंसाधन, जिला शिक्षा केन्द्र, डीईओ कार्यालय, जिला पंचायत, सामाजिक न्याय, लोनिवि, जनपद पंचायत तथा महिला बाल विकास कार्यालयों में पहुंचे और माला पहनाकर उन कर्मचारियों का सम्मान किया जो हड़ताल में शामिल न होकर काम कर रहे हैं और अपनी उपस्थिति लगाकर खुद को कर्तव्यनिष्ठ साबित कर रहे हैं।
कई कार्यालयों में जाकर हड़लाल में शामिल होने का अनुरोध करने वाले कर्मचारी नेताओं में भगत राजावत, रूपेन्द्र सुमन, मीरा सिंह, कल्पना शर्मा, नीलू चिढ़ार, अभिषेक श्रीवास्तव, विमलेश श्रीवास्तव, संजय जोशी, चक्रेश जैन, देवेन्द्र यादव, शिवोम शर्मा, उषा शर्मा, सुरेश जाटव, गुंजन सिंह, राम कृष्ण पांडे, संदेश जैन, आकृति शर्मा, वैभव त्यागी, ज्योति रघुवंशी, अरविंद सविता, वीरेन्द्र तिवारी आदि शामिल थे।