
Shraddha Raj Success Story: परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि हौसला और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो इंसान अपनी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन निवासी श्रद्धा राज की कहानी इसकी मिसाल है। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाली श्रद्धा ने न केवल अपने पैरों पर खड़ा होना सीखा, बल्कि आज अपना कंप्यूटर सेंटर संचालित कर प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही है।
श्रद्धा बताती है कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। उनके पति दिल्ली में ड्राइविंग का काम करते थे, लेकिन अचानक उनका निधन हो गया। इसके बाद खुद के साथ बेटी का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई। स्नातक तक पढ़ाई करने वाली श्रद्धा ने कंप्यूटर प्रशिक्षण लेने का निर्णय किया। उन्होंने कंप्यूटर अकाउंटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कंप्यूटर से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी मिली और उनके भीतर खुद का काम शुरू करने का आत्मविश्वास पैदा हुआ।
कंप्यूटर प्रशिक्षण के बाद श्रद्धा ने स्वरोजगार को अपनी मंजिल बनाने का निर्णय लिया। बैंक से दो लाख रुपए का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने पांच कंप्यूटर, प्रिंटर व स्कैनर सहित आवश्यक उपकरण खरीदे और नटेरन में ही कंप्यूटर सेंटर का संचालन शुरू कर दिया। श्रद्धा अपने सेंटर के माध्यम से बच्चों को एमएस ऑफिस, एमएस एक्सेल, पावर प्वाइंट, टैली, डीसीए और टाइपिंग जैसे कंप्यूटर पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसके अलावा विभिन्न ऑनलाइन व कंप्यूटर संबंधी कार्य भी किए जा रहे हैं।
कभी परिवार के भरण-पोषण के लिए संघर्ष करने वाली श्रद्धा आज अपने स्वरोजगार के माध्यम से प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण स्वयं कर रही हैं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रही हैं। उन्हें देखकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि हालात चाहे कितने ही विपरीत क्यों न हो कभी हौसला नहीं हारना चाहिए और हमेश प्रयासरत रहना चाहिए।
नामः श्रद्धा राज
जिलाः नटेरन (विदिशा)
पहचानः कंप्यूटर प्रशिक्षक
विशेषताः एमएस ऑफिस, एमएस एक्सेल, पावर प्वाइंट, टैली, डीसीए और टाइपिंग जैसे कंप्यूटर पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दे रही हैं।