
विदिशा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एसएटीआई परिसर में जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान करीब 2 हजार बेरोजगार नौकरी की तलाश में विदिशा आए इनमें 222 लोगों को नौकरी का ऑफर मिला है।
रोजगार मेले को लेकर नौकरी पाने के इच्छुक युवाओं में उत्साह था। जिले की सिरोंज, लटेरी, गंजबासौदा, शमशाबाद, नटेरन, ग्यारसपुर तहसीलों एवं ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा इस मेले में शामिल हुए। नौकरी की उम्मीद में भीषण गर्मी के बीच कक्षा आठवीं से लेकर स्नातक शिक्षित युवा लंबी लाइन में लगे रहे। सभी अपने बैग में योग्यता व पहचान के दस्तावेज रखे हुए हुए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा
मेले की तैयारी पहले से थी लेकिन आयोजन के दौरान युवाओं को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। मेले में कौन-कौन सी कंपनियां आई है। कहां कौन-सी कंपनी युवाओं के साक्षात्कार ले रही। कंपनी को किन-किन पदों के लिए कितने युवाओं की जरूरत है आदि जानकारी से संबंधी बैनर या सूचना पटल मेला स्थल पर नहीं लगे थे। मेले की व्यवस्था में मौजूद अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी भी यह जानकारी नहीं दे पा रहे थे।
व्यवस्था पर सीईओ भी दिखे नाराज
मेेले की व्यवस्था से जिपं सीईओ दीपक आर्य भी नाराज दिखे। उन्होंने कौशल एवं विकास से जुड़े अधिकारियों से कहा कि यह क्या व्यवस्था है। लंबी लाइनें लगी है। इन सभी के पंजीयन कर 50-50 लोगों को टोकन देकर अंदर भेजना था। इससे बाहर भी परेशानी नहीं होती और अंदर भी व्यवस्थित तरीके से कार्य होता। उन्होंने शीघ्र टोकन देने की व्यवस्था करने को कहा।
उच्च शिक्षित युवाओं को लौटना पड़ा
मेले में आए युवाओं में नाराजी रही। अक्षय तिवारी ने बताया कि मेले में इसलिए आए कि रोजगार मिलेगा, लेकिन यहां कम शिक्षित लोग लिए जा रहे। उच्च शिक्षित युवाओं के लिए उपयुक्त अवसर मेले में नहीं मिल पाया। अटारीखेजड़ा निवासी नरेंद्र दांगी, विदिशा के गौरव शर्मा, सिरोंज निवासी गगन, ग्यारसपुर निवासी मोहरसिंह आदि युवा व्यवस्थाओं से नाखुश दिखे।
मेले मे आई तीन कंपनियां
इधर प्रभारी रोजगार अधिकारी एबी खान ने बताया कि मेले में डोमीनोस, बारबीक्यू नेशन एवं आईसीसी कंपनी आई थी। मेले में 2 हजार युवकों का पंजीयन हुआ। इसमें 222 युवाओं का नौकरी के लिए चयन किया गया है।
काम-धंधा मिलने से आता है जीवन में स्थायित्व-सांसद
रोजगार मेले में आए राज्यसभा सदस्य अजयप्रतापसिंह ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान का समापन आज रोजगार मेले के रूप में हो रहा है। काम धंधा मिलने से जीवन में स्थायित्व आता है। माता-पिता की आशा भी पूरी होती है। सरकार रोजगार की तरफ ध्यान दे रही है।
बच्चों को हुनरमंद बनाने कई योजनाएं चलाई जा रही। इस दौरान नपाध्यक्ष मुकेश टंडन ने युवाओं को रोजगार से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कोई रोजगार छोटा बड़ा नहीं होता। जिपं अध्यक्ष तोरणसिंह दांगी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक कल्याणसिंह ठाकुर, भाजपा नेता संदीप डोंगरसिंह, सीईओ दीपक आर्य आदि मौजूद रहे।