21 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जूस के नाम पर आप पी रहे बीमारी का घूंट ! विदिशा में पत्रिका पड़ताल में सामने आई गंदगी, ध्यान रखें 3 बातें

Juice Center: जूस के ठेलों से अगर आप जूस पी रहे है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। इसमें केमिकल मिलाने और संक्रमण का खतरा है, इसलिए फल अपने सामने कटवाकर ही जूस पिएं।
2 min read
Google source verification
जूस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

जूस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Vidisha news: अगर आप अपने शरीर को फिट रखने के लिए रोज जूस पीते है तो ये खबर आपके काम की है। बाजार में बिक रहे जूस में सेहत कितनी और केमिकल कितना, इसकी पड़ताल पत्रिका ने की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। शहर के सिविल लाइन, बस स्टैंड, सांची रोड़, माधवगंज, मेन मार्केट, मेडिकल कॉलेज, रामलीला चौराहा, रामद्वारा, दुर्गानगर रोड के आसपास लगे जूस सेंटर, ठेलों और दुकानों पर साफ सफाई नदारद है। दुकानदार बिना ग्लव्स और बिना कैप के ही जूस बना रहे हैं। दुकानों पर बेधड़क सड़े फल रखे हुए है। जिनका जूस बनाकर ग्राहकों बेचा जा रहा है। ऐसे में बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में जूस वहीं पिएं जहां फल आपके सामने काटा या निचोड़ा जा रहा हो।

शहर में संचालित दो दर्जन से अधिक दुकानों पर पुणे से नारियल पानी आ रहा है। पहले नारियल भोपाल आता है, फिर विदिशा के दुकानदार भोपाल के व्यापारी से ऑर्डर पर नारियल पानी मंगाते है। एक दुकानदार के अनुसार शहर में 1200 से अधिक नारियल पानी लोग पी रहे है। शहर की अधिकांश दुकानों पर नारियलों के ढेर को बहुत गंदे ढंग से रखा जा रहा है।

पानी व बर्फ का खेल

अधिकांश ठेलों पर नल के पानी या बिना फिल्टर वाले पानी का इस्तेमाल हो रहा है। कई जगह तो एक ही बाल्टी के पानी में बार-बार गिलास धोए जा रहे हैं। जूस को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली बर्फ गंदे पानी से बनाई जाती है, जिसे बिना ढके खुले में ढोया और तोड़ा जाता है।

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ आरएन शुक्ला, पूर्व विभाग अध्यक्ष, प्रयुक्त रसायन विभाग, एसएटीआइ का कहना है कि अनानास के जूस में इथाइल ब्यूटरेट, संतरा के जूस में लेमिनेट साइटरेट, सेव में हेक्साइल एसीटेट एथिल, स्ट्रॉबेरी में मिथाइल ब्यूटीरेट डाला जाता है। इससे फूड पॉइजनिंग उल्टी, दस्त, पेट में मरोड़, मतली और बुखार हो सकता है। दूषित पानी या बर्फ से संक्रमण फैलने का जोखिम रहता है। शरीर में पानी और लवण की कमी बार-बार दस्त या उल्टी होने से निर्जलीकरण हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह गंभीर रूप ले सकता है। नियमित रूप से अधिक चीनी वाला जूस पीने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है और वजन व रक्त शर्करा नियंत्रण प्रभावित हो सकता।

उपभोक्ता कैसे सावधानी रखें ?

-फल को अपने सामने धुलवाकर जूस निकलवाएं।
-कटे हुए फल लंबे समय से खुले पड़े हों या मक्खियां बैठ रही हों, तो जूस न लें।
-संदिग्ध जूस के नमूने की जांच के लिए स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से संपर्क करें।
-साफ मशीन, चाकू, गिलास और ढके हुए फलों वाला ठेला चुनें।