अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण मोटापा एक गंभीर समस्या बन रहा है। हालांकि मोटापा एक मेडिकल कंडीशन है। शरीर के अंगों पर वसा की परतें इतनी मात्रा में जम जाती हैं कि उन्हें सही तरीके से काम करने में भी दिक्कत होती है। इससे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर, अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल, अत्यधिक पसीना आना, जोड़ों में दर्द, बांझपन आदि का खतरा बढ़ जाता है। सही डाइट और व्यायाम से एक महीने में तीन किलो वजन कम किया जा सकता है।
गलत खानपान व खराब जीवनशैली के कारण लोग तनाव- STRESS में आने लगते हैं। कई इतने जुनूनी होते हैं कि बार-बार खुद को आईने में देखते रहते हैं, लेकिन वजन घटाने (WEIGHT LOSS) के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं। उल्टे तनाव से उनका वजन घटाने की बजाय बढ़ना शुरू हो जाता है। जिसका परिणाम होता है कि वे मोटापे का शिकार हो जाते हैं।
25 से ज्यादा बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
बढ़ते वजन के बारे में जानने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) जानना जरूरी होता है। इसे वजन (किलोग्राम में) और हाइट (स्क्वायर मीटर) के अनुपात से निकाला जाता है। अगर किसी व्यक्ति का बीएमआई 25 से ज्यादा है, तो वह ओवर वेट कैटेगरी में है। BMI काउंट की जांच मशीनों से की जाती है।
खतरनाक होती है ट्रंकल ओबेसिटी (TRUKLE OBESITY)
मोटापे के साथ तोंद निकलना यानी पेट के हिस्से पर जमा हुआ फैट। शरीर के बाकी हिस्सों जैसे हाथ, पैर, जांघ या कूल्हों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है। इसे ट्रंकल ओबेसिटी कहते हैं। एक वयस्क महिला के कमर का घेरा 36 इंच और पुरुष का 40 इंच से ज्यादा किसी हाल में नहीं होना चाहिए।
आज से बदलें दिनचर्या
वजन बढ़ने पर परेशानी या तनाव लेने की बजाय डेे प्लान बनाएं। अपनी क्षमता और समय के हिसाब से व्यायाम व डाइट तय करें। सामान्यत: प्रतिदिन 30 से 90 मिनट तक व्यायाम करें। खानपान में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें ज्यादा लें।
एक्सपर्ट : डॉ. प्रकाश केसवानी, मेडिसिन एवं एंडोक्राइनॉलोजी विभाग, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर