Sonakshi Sinha Reveals Weight Loss Secrets : सोनाक्षी ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन में बॉडी शेमिंग का सामना किया है।
Sonakshi Sinha Reveals Weight Loss Secrets : सलमान खान (Salman khan) के साथ फिल्म "दबंग" से अपने बॉलीवुड करियर की धमाकेदार शुरुआत करने वाली सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) , मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं। सोनाक्षी न केवल अपनी एक्टिंग के लिए बल्कि बॉडी पॉजिटिविटी को प्रमोट करने के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उनकी फिल्म "डबल एक्सएल" चर्चा में है, जो मोटापे से ग्रसित महिलाओं की बॉडी इमेज और समाज में उनके प्रति धारणा पर आधारित है।
फिल्म में सोनाक्षी (Sonakshi Sinha) के साथ हुमा कुरैशी भी मुख्य भूमिका में हैं। सोनाक्षी ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन में बॉडी शेमिंग का सामना किया है। खासतौर पर, उनकी मां पूनम सिन्हा हमेशा उन्हें वजन कम करने के लिए कहती थीं। सोनाक्षी ने इस फिल्म के माध्यम से समाज में फैले बॉडी शेमिंग के मुद्दे को उजागर करने और महिलाओं को आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की है।
आपको बता दें कि सोनाक्षी सिन्हा, बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक, अपनी पहली फिल्म "दबंग" से पहले 30 किलो वजन कम करके एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी हैं। उन्होंने 18 वर्ष की उम्र में वेट लॉस की यात्रा शुरू की थी। एक समय था जब उनका वजन 95 किलो था, और वह जिम में केवल 30 सेकंड तक ही ट्रेडमिल पर टिक पाती थीं।
सोनाक्षी का कहना है कि वजन कम करने का उनका निर्णय अभिनय में करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए था। उन्होंने सही आहार, नियमित व्यायाम, और दृढ़ संकल्प के साथ इस चुनौती को पार किया। उनकी इस यात्रा ने कई लोगों को प्रेरित किया है और यह साबित किया है कि आत्मविश्वास और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
सोनाक्षी सिन्हा, जिन्हें हम बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री के रूप में जानते हैं, उनका बचपन मोटापे के कारण काफ़ी कठिन रहा। स्कूल में उनके सहपाठी उन्हें तरह-तरह के नामों से चिढ़ाते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास प्रभावित होता था। लेकिन सोनाक्षी ने इन चिढ़ों को नजरअंदाज करके अपनी वेट लॉस जर्नी पर ध्यान केंद्रित किया और इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
सोनाक्षी बताती हैं कि उन्होंने शुरू में कूल दिखने के लिए जिम ज्वाइन किया था, लेकिन वे वहां नियमित नहीं रह पाईं। इसके बजाय, उन्होंने अपनी सुविधानुसार वर्कआउट विकल्प चुने, जिसमें पाइलेट्स उनका पसंदीदा बना। पाइलेट्स के अलावा, वह हर सुबह खाली पेट 30-45 मिनट कार्डियो करती हैं और इसके बाद 20 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग करती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान दिया और एक स्वस्थ और संतुलित आहार अपनाया। उनकी यह मेहनत और लगन आज उनके फिटनेस और खूबसूरती में झलकती है, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वजन घटाने, मसल्स को मजबूत बनाने और शरीर की फ्लैक्सिबिलिटी को बढ़ाने के लिए पाइलेट्स एक्सरसाइज एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह एक्सरसाइज जोसेफ पाइलेट्स द्वारा विकसित की गई थी और यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होती है। पाइलेट्स उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो इंटेंस वर्कआउट नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि इसमें जेंटल मूवमेंट्स और ब्रिदिंग तकनीकों पर फोकस किया जाता है। इसे मैट पर या विशेष उपकरणों के साथ किया जा सकता है। पाइलेट्स का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक शक्ति और संतुलन को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति और तनाव में भी कमी लाता है।