Weight Loss Tips: ज्यादा खाने वाले लोगों के लिए नेगेटिव कैलोरी फूड वरदान है। इससे वजन भी जल्दी घटता है।
Weight Loss Tips: वेट रिडक्शन गाइडलाइन में नेगेटिव कैलोरी फूड उन खाद्य पदार्थों को कहा गया है, जिन्हें पचाने में खर्च होने वाली ऊर्जा उनसे मिलने वाली ऊर्जा से बहुत कम होती है। इस वजह से इन्हें खाने से कैलोरी नहीं मिलती, बल्कि खर्च होती है। ज्यादा खाने वाले लोगों के लिए नेगेटिव कैलोरी फूड वरदान है। इससे वजन भी जल्दी घटता है।
ऐसे काम करता है नेगेटिव कैलोरी फूड -
यह फूड थर्मिक इफेक्ट पर काम करते हैं। जो भी खाना हम खाते हैं, उसे चबाने और पचाने में ऊर्जा खर्च होती है। खाने की कुछ चीजें बहुत कम कैलोरी वाली होती हैं। ऐसे में इन्हें पचाने के लिए शरीर में पहले से मौजूद ग्लूकोज और वसा खर्च करनी पड़ती है। ककड़ी के एक टुकड़े में सिर्फ एक कैलोरी होती है, इसे पचाने में इससे ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है।
आइस वाटर और हॉट वाटर बढ़िया विकल्प -
कई शोधों में यह साबित हुआ है कि आइस वाटर और हॉट वाटर सुपर नेगेटिव कैलोरी फूड है, जिससे शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती। ठंडा या गर्म पानी पीने पर शरीर इसे सामान्य तापमान पर लाने के लिए अपनी ऊर्जा खर्च करता है, जिससे मेटाबॉलिक रेट बढ़ती है और आपका वजन कम होने लगता है।
कई नुकसान भी -
कई लोगों को लगता है कि सिर्फ नेगेटिव कैलोरी फूड डाइट में शामिल करने से वे फिट हो जाएंगे क्योंकि इसका कोई नुकसान नहीं है। हालांकि वजन कम करने के लिए सिर्फ खीरा-ककड़ी खाएंगे तो शरीर को दूसरे पोषक तत्व नहीं मिलेंगे। जिससे शरीर कमजोर होकर बीमार हो जाएगा, इसलिए इन्हें स्नैक्स की जगह खाना चाहिए।
क्या-क्या शामिल -
जिन खाद्य पदार्थों में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक और फैट कम हो, वे इस सूची में आते हैं। इनमें ज्यादातर फल और सब्जियां शामिल हैं। पत्तागोभी, ब्रोकली, हरी सब्जियां, प्याज, फूलगोभी, ककड़ी, सेमफली, मूली, पालक, गाजर और तुरई। फलों में सेब, संतरा, मौसमी, टमाटर, पपीता, खरबूजा, संतरा, नींबू, अनानास, स्ट्रॉबेरी और तरबूज नेगेटिव कैलोरी फूड हैं।
कसरत भी जरूरी -
केवल नेगेटिव कैलोरी डाइट के भरोसे शरीर को स्लिम नहीं किया जा सकता है। इसके साथ रोजाना 20 से 30 मिनट की कसरत को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। ज्यादा वसा वाली चीजें जैसे पिज्जा, बर्गर, चिप्स आदि से भी दूरी बनाए रखें। अगर आपकी शारीरिक गतिविधियां कम हैं तो कार्बोहाइड्रेट युक्त सब्जियां जैसे जमीकंद, आलू कम मात्रा में लें क्योंकि इन्हें पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।