शख्स के पित्ताशय में कई सारी पथरियां मौजूद थीं। इसके बाद डॉक्टरों ने आॅपरेशन कर उन्हें बाहर निकाला। बताया गया कि पित्ताशय से कुल 10,356 पथरियां निकलीं।
नई दिल्ली: भागदौड़ भरी लाइफ आैर जंक फूड का इस्तेमाल लोगों एक साइलंट प्वाॅइजन की तरह हो चुका है। यह लोगों को धीरे-धीरे बीमार आैर अंदर से खोखला बनाता जा रहा है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रहती है। डाॅक्टरों के पास एेसे-एेसी केस आते हैं, जिन्हें देखकर वह खुद हैरान हो जाते हैं। एेसा ही एक केस कोलकाता के मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में सामने आया। यहां एक शख्स पेट में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल के आेपीडी में पहुंचा था। पहले तो डाॅक्टर को यह दर्द मामूली लगा, लेकिन जब डॉक्टरों ने जांच की तो वह दंग रह गए। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि एेसा भी हो सकता है, लेकिन उन्हें यकीन करना पड़ा। दरअसल, शख्स के पित्ताशय में कई सारी पथरियां मौजूद थीं। इसके बाद डॉक्टरों ने आॅपरेशन कर उन्हें बाहर निकाला। बताया गया कि पित्ताशय से कुल 10,356 पथरियां निकलीं।
डेढ़ महीने से पेट में दर्द की शिकायत थी
जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के दम-दम कैंट निवासी राजीव चौधरी को करीब डेढ़ महीने से पेट में दर्द की शिकायत थी। हाल ही में वह मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में आए और अपनी परेशानी बताई। पहले तो डॉक्टरों ने इसे मामूली दर्द समझा, लेकिन जब उनका यूएसजी किया गया तो पता चला कि उनके पित्ताशय में कई सारी पथरियां हैं।
सर्जरी कर पित्ताशय से बाहर निकाली पथरियां
इसके बाद डॉक्टर्स ने राजीव को हॉस्पिटल में ही एडमिट कर लिया और बीते बुधवार को उनकी सर्जरी कर पथरियों को बाहर निकाला। सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रफेसर डॉ. मानस कुमार दत्त के मुताबिक, यूएसजी से पता लगा था कि राजीव के पित्ताशय में पथरियां हैं। हालांकि, हमने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि पथरियों की संख्या इतनी अधिक होगी। डॉक्टर्स की मानें तो राजीव का कोलेस्ट्रॉल काफी अधिक था। इस वजह से उनकी पथरियां बढ़ती गईं। आनुवांशिक तौर पर और स्ट्रेस या जंक फूड्स का अधिक सेवन करने से भी पित्ताशय में पथरियां बनती हैं।