
नई दिल्ली:मौसम ( weather ) भी अपना रंग समय-समय पर बदलता रहता है। कभी तेज गर्मी तो कभी सर्दी होती है। वहीं आंधी-तूफान भी बीच-बीच में आकर अपने होने का एहसास कराता रहता है। मंगलवार शाम को भी आंधी-तूफान आया। धूल भरी आंधी उठी और बाद में हल्की-फुल्की बारिश हुई। अब तक देशभर में आई आंधी-तूफान से 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि चिंता का विषय है। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि ये आंधी-तूफान आखिर आता कैसे है। शायद नहीं, तो चलिए हम बताते हैं।
आंधी-तूफान ( Thunderstorm ) गर्मियों के मौसम में खासकर आते हैं। वैज्ञानिक ( scientist ) मानते हैं कि ठंडी हवाए काफी जल्दी तूफान में परिवर्तित हो जाती हैं और ये सब होता है 'डाउनबर्स्ट' के कारण। इसमें होता ये है कि तेज हवा का प्रेशर जमीन की तरफ बढ़ता है जो कि जमीन से टकराती है। ये बाहर की ओर धक्का मारती है, जिसके चलते ये तेज हवाएं तूफान में बदल जाती हैं। कई बार ये भारी नुकसान भी पहुंचाती है।
आंधी-तूफान काफी नुकसान पहुंचाता है। किसानों ( farmers ) की फसलें बर्बाद हो जाती हैं, कच्चे मकान या उनकी छतें गिर जाती हैं, सड़कों पर चलने वाले लोगों और वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही जिन लोगों को सांस की परेशानी होती है उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।