चौथी पास वार्ड कर्मचारी ने किया मरीज़ का इलाज। वार्ड कर्मचारी का आरोप, डॉक्टर ने दिया था इलाज करने का आदेश। घटना के वक्त ड्रग्स के नशे में था वार्ड कर्मचारी।
नई दिल्ली।पंजाब के जालंधर का एक ऐसा संवेदनशील मामला सामने आया है जहां खुले आम प्रशासन की लापरवाही के रवैये ने लोगों को हैरत में डाल दिया। जिसमे भी मामले को सुना हर कोई प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े कर रहा है। इतनी बड़ी लापरवाही के कारण मामला जानलेवा भी हो सकता था। मरीज़ की जान भी खतरे में पड़ सकती थी लेकिन इन सभी बातों को दरकिनार करते हुए एक लेडी डॉक्टर ने अस्पताल के चौथी पास वार्ड कर्मचारी से एक मरीज़ का इलाज करवा दिया जिसका खुलासा उसी वार्ड कर्मचारी ने किया है।
हैरत में डालने वाली ये घटना पंजाब के एसबीएलएस सिविल अस्पताल की है जहां के वार्ड कर्मचारी का कहना है कि उसने डॉक्टर के कहने पर मरीज़ की घाव पर टांके लगा दिए। इस मामले के सामने आने के बाद हर कोई अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित ने घटना की सूचना अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात ऑफिसर को दी कि किस तरह से वार्ड कर्मचारी ने उसे घाव पर स्टिचिंग की है।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो ये थी कि जिस वार्ड कर्मचारी राज कमल ने मरीज़ का इलाज किया है वह उस वक्त ड्रग्स के नशे में था। कर्मचारी ने बताया कि उसने डॉक्टर के कहने पर ऐसा किया है। लेकिन महिला डॉक्टर हरवीन कौर का कहना है कि कर्मचारी ने बिना उनकी कहे इस घटना को अंजाम दिया है।
डॉक्टर हरवीन कौर का कहना था कि उस वक्त वे माइनर ऑपरेशन थियेटर में थीं और कर्मचारी ने बिना उनकी अनुमति के दूसरे मरीज़ के घावों की स्टिचिंग कर दी। कर्मचारी ड्रग्स के नशे में था इस बात की जानकारी भी खुद डॉक्टर हरनीन कौर ने ही दी थी। मामले पर अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेट जसमीत कौर का कहना था कि जो भी इसमें जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख़्त कार्यवाही होगी। फिलहाल एम.एस ने डॉक्टर और वार्ड कर्मचारी दोनों के बयान की रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है।