हरियाणा के यमुनानगर में ठेले की चाउमीन खाकर बच्चे की तबियत हुई खराब शरीर काला पड़ने के बाद बच्चे को ले जाया गया अस्पताल खतरनाक एसिड से बच्चे को आया कार्डियक अरेस्ट
नई दिल्ली। सड़क किनारे लगे ठेले की चाउमीन ( roadside chow mein ) खाकर हरियाणा ( Haryana ) के एक बच्चे ही तबियत इस कदर खराब हो गई कि उसके फेफड़े फट गए। चाउमीन ( Chow mein ) खाते ही बच्चे की तबियत अचानक बिगड़ने लगी। उसका शारीर काला पड़ने लगा। परिजन उसे आननफानन में अस्पताल ले गए जहां बड़ी मुश्किल से बच्चे ही जान बचाई जा सकी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा हरियाणा के यमुनानगर का है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे का ऑपरेशन कर उसको मौत के मुंह से निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि सड़क किनारे मिलने वाली चाउमीन का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें खतरनाक एसिड डाला जाता है।
बच्चे की हालत को लेकर पिता ने कहा कि 'उसके चाउमीन खाते ही उसकी तबियत अचानक खराब होने लगी।' बच्चे उस्मान के पिता का कहना था कि उसे चाउमीन खाते ही सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हैरान करने वाली बात यह है कि बच्चे के ऑपरेशन के दौरान पता चला कि उसके फेफड़े फट चुके हैं। उसे तुरंत वेंटीलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने उसके फेफड़ों का ऑपरेशन कर चेस्ट ट्यूब डाली। बच्चे को इतनी तकलीफ हो रही थी कि उसे कार्डियक अरेस्ट भी आ गया। 16 दिन के इलाज के बाद फिलहाल बच्चे की हालत में सुधार है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
एक मीडिया के अनुसार, उस्मान का इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि दुनकानदार चाउमीन में स्वाद बढ़ाने के लिए खतरनाक एसिड का इस्तेमाल करते हैं जोकि काफी नुक्सानदेह होता है। इस खतरनाक एसिड से न सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है बल्कि कई बार किडनी और लिवर के खराब होने का भी खतरा रहता है।