अजब गजब

शरीर को लोहे सा फौलादी बना देता है ‘कड़कनाथ’, कीमत 900 रुपये प्रति किलो

इसका मीट इंसानों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। कहते हैं कि जो भी इस मुर्गे के मीट को खाता है उसका शरीर लोहे की तरह फौलादी हो जाता है।
2 min read
• •
Updated: 29 Aug 2018, 12:47 PM IST
kadaknath chicken
शरीर को लोहे सा फौलादी बना देता है 'कड़कनाथ', कीमत 900 रुपये प्रति किलो

नई दिल्ली: आप में से ज्यादातर लोग जो चिकन खाते हैं उन्होंने शायद ही कड़कनाथ मुर्गे के बारे में सुना होगा और इसे देखना तो दूर की बात है। आपको बता दें कि कड़कनाथ मुर्गे की ही एक प्रजाति है। यह मुर्गा बहुत कम मिलता है लेकिन इसके बारे में दावा किया जाता है कि इसका मीट इंसानों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। कहते हैं कि जो भी इस मुर्गे के मीट को खाता है उसका शरीर लोहे की तरह फौलादी हो जाता है।

जानें क्या है खासियत

आपको बता दें कि कड़कनाथ मुर्गा साधारण मुर्गे से बिलकुल अलग होता है, इस मुर्गे का रंग सफ़ेद नहीं बल्कि काला होता है यहां तक की इसका मीट भी काले रंग का होता है साथ ही इसके अंडे भी काले रंग के होते हैं, ऐसे में कुछ लोग इसके रंग की वजह से इसका मीट खाने से परहेज करते हैं, क्योंकि साधारण मुर्गे के मीट का रंग सफ़ेद होता है वहीं कड़कनाथ का मीट काले रंग का होता है।

इस वजह से खाते हैं लोग

कड़कनाथ पूर्वी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा पाया जाता है, वहां पर इसे काली मासी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि जहां आम मुर्गे में फैट काफी मात्रा में होता है वहीं कड़कनाथ में फाइट बेहद कम होता है लेकिन इसमें प्रोटीन इतना ज्यादा होता है कि लोग इसे खाना पसंद करते हैं। अपने है प्रोटीन की वजह से जिम जाने वाले युवा इसे खाते हैं। कड़कनाथ के मीट की कीमत 900 रुपये प्रति किलो होती है।

Published on:
Also Read
View All
राजस्थान में बाड़ेबंदी का खेल शुरू, कांग्रेस प्रत्याशी जबरन उठाने की कोशिश, पुलिस पहुंची तो ASP से उलझे समर्थक

Unique News: शादी के अगले दिन दुल्हन के ससुराल पहुंचा प्रेमी, कहा- 3 साल से है रिलेशनशिप, मचा बवाल, रिसेप्शन रद्द, दूल्हे ने मांगा तलाक

Unique marriage: Video: मैनपाट में अनोखी शादी: दुल्हन लेकर पहुंची बारात, विदाई कराकर ले जाने लगी तो फूट-फूटकर रोया दूल्हा

Ghost Built Temple: इंसानों ने नहीं, भूतों ने बनाया था ये मंदिर, बिना सीमेंट-चूने के हवा में आज भी टिका है MP का यह मंदिर

गौरीकुंज वर्सेस गीता भवन… यूनियन क्लब ने दी थी जमीन, अनुबंध की शर्तों में स्पष्ट नाम नहीं बदल सकते