औरंगजेब को भी अपने जीवनकाल में किसी से प्यार हुआ था। वो इस हद तक दीवानें थे कि अपने प्यार के खातिर कुछ भी करने को तैयार थे।
नई दिल्ली। मुगल शासक औरंगजेब का नाम हम सभी ने सूना है। औरंगजेब का नाम जहन में आते ही एक क्रूर और अत्याचारी शासक का चेहरा हमारे सामने उभर आता है।
औरंगजेब इस हद तक क्रूर था कि उसने अपने पिता शाहजहां तक को कैद कर डाला था। अपने सगे भाइयों और भतीजों को बहुत ही क्रूरता से मौत के घाट उतारा। उसने अपनी प्रजा तक को नहीं बख्शा। अपने शासनकाल में हिन्दुओं के सैकड़ों मंदिरों को बर्बाद कर डाला।
औरंगजेब के इस तरह के व्यवहार को देखते हुए क्या आप सोच सकते हैं कि उसके दिल में भी किसी के लिए प्यार पनप सकता है? क्या इस क्रूर शासक को भी किसी से सच्ची मोहब्बत हो सकती है?
तो आपको बता दें कि औरंगजेब को भी अपने जीवनकाल में किसी से प्यार हुआ था। वो इस हद तक दीवानें थे कि अपने प्यार के खातिर कुछ भी करने को तैयार थे। चलिए आज औरंगजेब के सच्चे इश्क के बारे में आपको पूरी बात बताते हैं।
बता दें कैथरीन ब्राउन जो कि एक बहुत ही मशहूर इतिहासकार ने अपनी पुस्तक 'डिड औरंगजेब बैन म्यूजिक?’ में इस बात का जिक्र किया है। ऐसा लिखा गया है कि एकबार औरंगजेब अपनी मौसी से मिलने बुरहानपुर गया था। वहां उसने एक लड़की को देखा। उसे देखते ही औरंगजेब उसके प्यार में पागल हो गया। उस लड़की का नाम हीराबादी जैनाबादी था।
हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि औरंगजेब को शराब पीना पसंद नहीं था। एकदिन हीराबाई औरंगजेब का अपने प्रति प्यार की परीक्षा लेने के लिए उनके सामने शराब पीने का प्रस्ताव रखा। अपने बात पर हमेशा टिके रहने वाले औरंगजेब, हीराबाई के कहने पर ऐसा करने को तैयार हो गए। जैसे ही वो अपना पहला घूंट लेने वाला था तो हीराबाई ने उसे रोक दिया।
औरंगजेब के मोहब्बत को देखते हुए हीराबाई को भी उनसे प्यार हो गया लेकिन किस्मत के आगे इस महान शासक की भी नहीं चली। दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन बावजूद इसके उनका प्यार अंजाम तक नहीं पहुंच सका क्योंकि हीराबाई की अचानक मौत हो गई थी। हीराबाई की मृत्यु के बाद उन्हें औरंगाबाद में दफनाया गया।
इस किस्से को जानकर हमारे सामने ये बात तो साफ हो गई कि इश्क के सामने इस महान और क्रूर शासक को भी हार माननी पड़ी।