यहां घर में पैदा होने वाला बड़ा बेटा ही मां-बाप की अचल संपत्ति का मालिक होता है। बाकी बच्चे मेहनत मजदूरी कर पेट पालते हैं व सम्पत्ति बनाते हैं।
नई दिल्ली। लाहौल और स्पीति भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय केलांग है। यह जिला अपनी खूबसूरती के लिए तो जाना ही जाता है लेकिन यह अपने अलग और अनोखे रीति रिवाज के लिए भी जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 415 किलोमीटर दूर लाहौल स्पीति में एक अनोखी परंपरा है। यहां घर में पैदा होने वाला बड़ा बेटा ही मां-बाप की अचल संपत्ति का मालिक होता है। बाकी बच्चे मेहनत मजदूरी कर पेट पालते हैं व सम्पत्ति बनाते हैं। ऐसी ही अनोखे रीति रिवाजों के बीच यहां की जनजाति एक और रिवाज अपनाती है जिसमें भाई की शादी के लिए बहन का किरदार अहम होता है। यहां बहन ही सेहरा बांधकर दूल्हा बनती है और भाभी को ब्याह कर घर लाती है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां बहन अपने सर पर सेहरा बांधकर अपनी भाभी को ब्याहने जाती है वो भी गाजे बाजे के साथ। बहन दूल्हा बन बारात लेकर वधु पक्ष के घर जाती है। अगर आपके मन में यह सवाल उठ रहा हो कि अगर घर में कोई बहन ही ना हो तो क्या होता होगा? तो आपको हम इस सवाल का जवाब दिए देते हैं यहां जिन परिवारों में कोई बहन नहीं होती वहां पर घर के बड़े या छोटे भाई के लिए घर में मौजूद भाई उनके जगह दूल्हा बन बारात लेकर जाता है और शादी कर लाता है। इतिहासकारों की मानें तो यह परंपरा सदियों पुरानी है। लाहौल की बड़ी शादी, कूजी विवाह और छोटी शादी की परंपरा के साथ ही यह परंपरा आज भी बनी हुई है आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्षो पुरानी इस परंपरा को आज भी पूरी शिद्दत से निभाया जा रहा है।