यह घाटी अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत ( Tibet ) के बीच में कहीं स्थित है। इस जगह को 'शांगरी-ला घाटी' ( Shangri-La Valley ) के नाम से जाना जाता है।
नई दिल्ली। अक्सर इंसान कहता है कि हमारी दुनिया कई अजीब रहस्यों से भरी हुई है और इसी बात को सच साबित करती है कुछ हैरान कर देने वाली जगह। आज हम आपको एक ऐसी रहस्यमय घाटी के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसे आज तक कोई भी नहीं ढूंढ पाया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि यह घाटी अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत ( Tibet ) के बीच में कहीं स्थित है। इस जगह को 'शांगरी-ला घाटी' ( Shangri-La Valley ) के नाम से जाना जाता है। शांगरी-ला को वायुमंडल के चौथे आयाम यानी समय से प्रभावित जगहों में गिना जाता है।
अरुण शर्मा की किताब 'तिब्बत की वह रहस्यमय घाटी' में शांगरी-ला का जिक्र मिलता है, उनके मुताबिक एक लामा ने उन्हें बताया कि शांगरी-ला घाटी में काल का प्रभाव नगण्य है और वहां मन, प्राण और विचार की शक्ति एक खास सीमा तक बढ़ सकती है।
इस जगह के बारे में एक मत ये भी है कि अगर कोई इंसान वहां चला जाए तो वह वापस दुनिया में कभी नहीं आ पाता। युत्सुंग के मुताबिक वह खुद इस रहस्यमय घाटी में जा चुके हैं, उनके मुताबिक वहां न तो सूर्य का प्रकाश था और न ही चंद्रमा लेकिन फिर भी चारों तरफ एक रहस्यमय प्रकाश फैला रहता है।
एक ओर बात ये कि तिब्बती भाषा की किताब 'काल विज्ञान' में भी इस घाटी का जिक्र मिलता है। इस जगह को कई लोग धरती का आध्यात्मिक नियंत्रण केंद्र भी कहते है। इसके अलावा इसे सिद्धाश्रम भी कहते हैं, जिसका जिक्र महाभारत से लेकर वाल्मिकी रामायण और वेदों में भी किया गया है।
चीन ( China ) की सेना ( Army ) ने इस घाटी ( Valley ) को ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो भी फिर भी इस जगह को नहीं खोज सकें। दुनियाभर के जितने भी लोगों ने 'शांगरी-ला घाटी' का पता लगाने की कोशिश की उनमें से तो कई गायब हो गए।