आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे सरोगेसी के विषय में सरोगेसी क्या है। और कैसे ये माता-पिता बनने का एक विकल्प बन गया है आज इस विषय में आपको पूरी जानकारी देंगे।
हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने सरोगेसी के थ्रू एक बच्चे को जन्म दिया । इससे पहले भी कई सारे फिल्मी कलाकार बिजनेसमैन आदि ने सरोगेसी को माता-पिता बनने का एक जरिया चुना है । ऐसे में लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर सरोगेसी क्या है क्या या आईवीएफ से अलग है । आज के इस आर्टिकल में हम आपको सरोगेसी के विषय में ही पूरी जानकारी देने जा रहे हैं । आज हम आपको बताएंगे सरोगेसी के फायदे और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं। सरोगेसी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला और कोई दूसरे कपल या सिंगल पैरेंट के बीच होता है। आसान शब्दों में कहें तो सरोगेसी का मतलब है किराये की कोख।
सरोगेसी को वह महिलाएं अपनाती हैं, जो बच्चे को जन्म देने में असमर्थ होती हैं। शुक्राणु और अंडाणु को निषेचित करा कर भ्रूण को उस महिला की कोख में डाल दिया जाता है। इसमें एक प्रतिशत अंश भी सरोगेट मदर का नहीं होता है। इस प्रक्रिया से बच्चों के साथ उनका जेनेटिक संबंध बरकरार रहता है, जिसमें जन्में बच्चे का रंग, लंबाई, बालों का रंग और प्रकृति, आनुवांशिक गुण आदि सभी जेनेटिक मां-बाप के होते हैं।
कितना हो सकता है खर्च
कानून में रिश्ते को परिभाषित नहीं किया गया है वहीं इसमें पैसा भी शामिल नहीं किया गया है। सरोगेसी की कीमत भारत में सारी प्रक्रियाओं के बाद लगभग 15 से 20 लाख होती है। वहीं विदेशों में इसकी कीमत 50 से 60 लाख रूपए तक होती है। यानी भारत में सरोगेसी सस्ती है। सरोगेसी की कीमत को लेकर होने वाला कंफ्यूजन कुछ हद तक अब आपकी खत्म हो गई होगी।
इन बातों पर ध्यान दे
आप इस बात पर अवश्य ध्यान दें कि आपने जिस सेरोगेट मदर का चुनाव किया है उसकी मेडिकल हिस्ट्री क्या है। उनका पूरा हेल्थ चेकअप अपने डॉक्टर से अवश्य करवाएं । उनकी मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जांच पड़ताल करवाएं क्योंकि यह बच्चा आप दोनों के जिन से बना हो पर बच्चे को पालना सरोगेट मदर के कोख में ही है इसलिए सेरोगेट मदर का हेल्थी होना आवश्यक है।
सरोगेसी भारत में आने के बाद निसंतान माता-पिता के लिए एक खुशखबरी बन गया है। अब हर माता-पिता जो अपने जिन का बच्चा चाहते हैं सरोगेसी के जरिए अपने बच्चे की प्राप्ति कर सकते हैं। इसके लिए एक कानून भी है और आपको सरोगेट मदर के साथ एक एग्रीमेंट भी साइन करना होता है इन सारी प्रक्रियाओं के बाद आप सेरोगेसी को अपना सकते हैं।