यूरिन इन्फेक्शन और जलन जैसी समस्या से निजात पाने के लिए आपको अपने फिटनेस रूटीन में कुछ तरह के योगासन को शामिल करना चाहिए।इस तरह की समस्याएं महिलाओं में बेहद आम है और अक्सर खान-पान में गड़बड़ी और लाइफस्टाइल में अचानक आए बदलावों की वजह से कई बार इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नई दिल्ली। यूरिनरी ट्रेक्ट संबंधित डिसऑर्डर या समस्या खासकर महिलाओं के लिए निराशाजनक और परेशानी भरी हो सकती है। यूटीआई या यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन से जुड़े लक्षण, दुनिया भर में कई महिलाओं को पीड़ित करते हैं और इससे छुटकारा पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम कुछ योगासन के बारे में बात करेंगी जो हमारे यूरिन इंफेक्शन को ठीक करने में मदद करेंगे।
ज्यादातर मामलों में, महिलाएं कई वर्षों तक यूटीआई के बार-बार होने से परेशान रहती हैं। लक्षणों से अस्थायी राहत पाने के लिए उन्हें कई एंटीबायोटिक कोर्स दिए जाते हैं। हालांकि, समस्या के मूल कारण को ठीक नहीं किया जाता है।
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार 8 अलग-अलग मुद्राओं का एक कॉम्बिनेशन है, जो शरीर के दोनों किनारों दाएं और बाएं के लिए 12 चरणों के अनुक्रम में पिरोया जाता है। सूर्य नमस्कार को दाईं ओर से शुरू किया जाता है क्योंकि सूर्य की एनर्जी को सही के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाता है। एक पूर्ण चक्र दाएं और बाएं दोनों पक्षों को कवर करते हुए 24 गणनाओं से बना है।
उत्कटासन
इसे चेयर पोज के नाम से भी जाना जाता है।
इसे करने के लिए सीधी खड़ी हो जाएं।दोनों पैरों को फैला लें।दोनों हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। हथेली नीचे की तरफ रहेगी। हाथ सीधे रहें और कुहनियां मुड़ी हुई न हों। घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें और पेल्विस को नीचे की तरफ ले जाएं।
त्रिकोणासन
त्रिकोण' का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ योग है। इसका मतलब यह हुआ कि इस आसन में शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है, इसीलिए इसका नाम त्रिकोणासन रखा गया है।
मलासन
घुटनों को मोड़कर मल त्याग करने वाली अवस्था में बैठें। दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर घुटनों पर टिका दें। दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में मिलाएं। हाथ जोड़कर नमस्कार की मुद्रा बना लें।