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हर जवान लड़की अगला टारगेट, पाकिस्तान में 15 साल की हिंदू लड़की को जबरन… सदमे में परिवार

Pakistan Minority Rights: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत बदतर है। खासकर हिंदुओं के… वह डर-डर के जी रहे हैं। उनकी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

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Mar 24, 2026
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत बदतर: हिंदू लड़की अगवाह (सोर्सल AI जनरेटेड इमेज)

Human Rights Violation Pakistan: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय की स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। सिंध प्रांत से सामने आई एक घटना ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है, जहां 15 साल की एक हिंदू लड़की के किडनैप होने की खबर ने परिवार और समाज को झकझोर दिया। कहा जा रहा है कि वहां कई परिवार डर के साये में जी रहे हैं और अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं।

इस मामले पर एक बड़े ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियां खास तौर पर ज्यादा असुरक्षित हैं और उनके खिलाफ ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उनका जबरन धर्मांतरण, निकाह किया जा रहा है।

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डर में जी रहा हिंदू समुदाय

परिवार और समुदाय के लोगों के अनुसार, वायस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (VOPM) ने बताया कि 15 साल की मीरान मेघवार को मीरपुरखास में उसके घर से कथित तौर पर दो लोगों- तारिक कौरी और अल्लाह दीनो कौरी ने जबरन अगवा कर लिया। इस घटना के बाद उसका परिवार गहरे सदमे में है और लगातार उसकी वापसी की उम्मीद कर रहा है। साथ ही पुलिस से मदद की गुहार लगा रहा है।

राइट्स ग्रुप का कहना है कि पुलिस में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक लड़की का कोई पता नहीं चल पाया है। यह दिखाता है कि सिंध के ग्रामीण इलाकों में अल्पसंख्यक लड़कियों की सुरक्षा कितनी कमजोर है। परिवार ने प्रशासन और समाज से जल्द कार्रवाई की अपील की है और कहा है कि उनकी बेटी सुरक्षित वापस लौट आए।

मीरपुरखास में स्थानीय लोग भी परिवार के समर्थन में खड़े हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इंसाफ में देरी होती है, तो वह इंसाफ के बराबर नहीं होता।

‘VOPM’ ने यह भी बताया कि ऐसे कई मामले समय के साथ दब जाते हैं या भुला दिए जाते हैं, जिससे परिवार टूट जाते हैं और लोगों का भरोसा खत्म हो जाता है। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission of Pakistan) ने भी पहले नाबालिग लड़कियों के अपहरण, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक लगातार बढ़ती समस्या का हिस्सा है, जहां हर परिवार डर में जी रहा है और हर लड़की खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

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