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खतरे में 1 करोड़ भारतीय! इजराइली दूत रुवेन अजर का ईरान पर बड़ा खुलासा

Indian Diaspora Security : भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजर ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियां और परमाणु महत्वाकांक्षाएं खाड़ी देशों में रहने वाले (Indian Expatriates) की जिंदगी को खतरे में डाल सकती हैं। अजर के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य अभियानों का […]

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भारत

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MI Zahir

Mar 24, 2026

Indian Diaspora Security

इजराइल के राजदूत रूवेन अजार। (फोटो: ANI)

Indian Diaspora Security : भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजर ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियां और परमाणु महत्वाकांक्षाएं खाड़ी देशों में रहने वाले (Indian Expatriates) की जिंदगी को खतरे में डाल सकती हैं। अजर के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य अभियानों का उद्देश्य केवल इजराइल की रक्षा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को (Radical Islamic Theocracy) के आतंक से मुक्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि ईरान (Ballistic Missiles) और ड्रोन की अपनी शक्ति बढ़ाता रहा, तो इसका सीधा असर वहां काम कर रहे 10 मिलियन भारतीयों के (Economic Interests) पर पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और इजराइल के बीच (Strategic Dialogue) काफी गहन हो गई है।

ईरानी खतरों का भारतीय प्रवासियों पर असर (Impact on Indian Diaspora)

रुवेन अजर ने स्पष्ट किया कि ईरान एक अस्थिर क्षेत्र बनाने की कोशिश कर रहा है। खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान है, और अगर यह क्षेत्र युद्ध या अस्थिरता की चपेट में आता है, तो करोड़ों भारतीयों की आजीविका छिन सकती है। अजर ने कहा कि जब तक ईरान जैसे "विनाशकारी बल" सक्रिय हैं, तब तक वहां के निवेश और शांति की कल्पना करना मुश्किल है।

IMEC कॉरिडोर और आर्थिक भविष्य (IMEC Corridor Prospects)

इजराइली दूत ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट तभी सफल हो सकता है जब सुरक्षा की बुनियाद मजबूत हो। ईरान द्वारा समर्थित प्रॉक्सी संगठन और उसकी आक्रामक नीतियां इस बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी बाधा हैं। अजर के मुताबिक, ईरानी खतरे को कम करना न केवल सुरक्षा के लिए, बल्कि भारत के व्यापारिक विस्तार के लिए भी जरूरी है।

इजराइल का लक्ष्य और भारत से संवाद (Strategic Communication with India)

अजर ने बताया कि इजराइल और भारत के बीच शीर्ष स्तर पर निरंतर बातचीत हो रही है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के स्तर पर भारत को हर सैन्य ऑपरेशन की जानकारी दी जा रही है। इजरायल का मुख्य लक्ष्य ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हमले को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि ईरान ने हाल ही में 12 देशों को निशाना बनाकर अपनी गैर-जिम्मेदाराना हरकत दिखाई है।

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए 'एंडगेम' (Endgame for Regional Stability)

राजदूत ने 'एंडगेम' पर बात करते हुए कहा कि इजराइल तब तक नहीं रुकेगा जब तक ईरान की हमले करने की क्षमता को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरानी शासन पर दबाव बढ़ने से वहां के लोगों को भी एक स्वतंत्र और सुरक्षित भविष्य चुनने का मौका मिलेगा। यह न केवल इजराइल के लिए, बल्कि पूरे विश्व और विशेषकर भारत के हितों के लिए लाभदायक होगा।

भारत को ईरान के खिलाफ लामबंद करने की एक कूटनीतिक कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल का यह बयान भारत को ईरान के खिलाफ लामबंद करने की एक कूटनीतिक कोशिश है, क्योंकि खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा भारत के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या भारत इस सुरक्षा चिंता पर ईरान के साथ कोई आधिकारिक कूटनीतिक चर्चा करता है या खाड़ी देशों के साथ मिलकर कोई नया सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करता है।

ईरान तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा

ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा, जिससे वैश्विक तेल कीमतें और खाड़ी में काम कर रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लग जाएगी। ( इनपुट : ANI )