
ट्रंप-ईरान तेल संकट (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज)
US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया के कई देशों में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई देशों में पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं और जो तेल पूरे दिन बिकने में लगता था, वह अब कुछ ही घंटों में खत्म हो जा रहा है। खास बात ये है कि इसमें वे देश ज्यादा प्रभावित हैं, जो खाड़ी देशों से तेल पर निर्भर हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक देश में ईंधन की भारी कमी के चलते राष्ट्रपति को राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित करना पड़ा। इससे साफ है कि यह संकट धीरे-धीरे बड़ा रूप ले रहा है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में और बड़े असर देखने को मिल सकते हैं।
एक तरफ अमेरिकी प्रेसिडेंट ने अगले 5 दिनों के लिए ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला न करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ शांति के लिए बातचीत हुई है, लेकिन इस बात को सिरे से ईरान ने खारिज कर दिया है। ईरान ने ट्रंप के दावे को झूठा करार दिया है। साथ ही उसने (ईरान) ये भी कहा कि अमेरिका ईरान को अब भी निशाना बना रहा है, ऐसे में उसे जवाबी कार्रवाई करनी पड़ रही है।
फिलीपींस: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। एशिया के कई देश पहले से तैयारी कर रहे हैं, जबकि कुछ अभी हालात पर नजर रखे हुए हैं। ईंधन की कमी फिलीपींस में भी महसूस होने लगी है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी, यानी राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ रही है।
बांग्लादेश: पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हालात ठीक नहीं है। पेट्रोल पंप पर तेल को लेकर मारा-मारी है। यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के मुताबिक, एक दिन में बिकने वाला फ्यूल अब कुछ ही घंटों में बिक रहा है। पंप पर लंबी कतार लग रही है। यही कारण है कि बांग्लादेश के पावर, एनर्जी और मिनरल रिसोर्स मिनिस्टर इकबाल हसन महमूद ने माना है कि कंज्यूमर डिमांड बढ़ने की वजह से देश में नॉर्मल फ्यूल सप्लाई सिस्टम में रुकावट आई है।
श्रीलंका: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से फ्यूल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए श्रीलंका सरकार ने ईंधन और बिजली बचाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। सरकारी विभागों से कहा गया है कि वे फ्यूल और बिजली की खपत कम करें। अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे अकेले गाड़ी इस्तेमाल करने के बजाय पब्लिक या साझा परिवहन का उपयोग करें। इसके अलावा, फील्ड ड्यूटी के लिए गाड़ियों की संख्या कम करने और रोजाना ट्रांसपोर्ट प्लान बनाने को भी कहा गया है, ताकि ईंधन की बचत हो सके। वहीं पाकिस्तान की हालत तो बदतर है। पेट्रोल-डीजल के दाम पाकिस्तानी रुपयों में 350 के पार पहुंच गया है।
Published on:
24 Mar 2026 10:01 pm
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