
मिस्र (Egypt) के पश्चिमी रेगिस्तान में करीब 1,600 साल पुराने शहर की खोज हुई है। पुरातत्वविदों के अनुसार इतने लंबे समय तक दबे रहने के बावजूद यह शहर बेहद सुरक्षित है। यह शहर मिस्र के न्यू वैली प्रांत में स्थित दाखला ओएसिस में मिला है। दाखला ओएसिस पहले से ही यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल है। माना जाता है कि यह शहर चौथी सदी ईस्वी का है, जब मिस्र बीजान्टिन (पूर्वी रोमन) साम्राज्य का हिस्सा था।
मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तान में मिले इस करीब 1,600 साल पुराने शहर की खोज को काफी अहम माना जा रहा है। यह शहर उस दौर में मिस्र के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन को समझने में मदद कर सकता है।
पुरातत्वविदों ने खुदाई कर इस पूरे शहर को संरक्षित किया है। रोजमर्रा की वस्तुएं भी सुरक्षित मिली हैं। इस शहर में मेहराबदार छतों वाले घर, रसोई, रोटी पकाने के तंदूर, अनाज पीसने की पत्थर की चक्कियाँ, तेल और इत्र रखने की बोतलें, मिट्टी के बर्तन, तेल के दीपक और दूसरे घरेलू सामान मिले हैं। इनसे पता चलता है कि उस समय लोग किस तरह रहते थे और अपना रोजमर्रा का जीवन कैसे चलाते थे।
शहर की योजना भी काफी व्यवस्थित थी। शहर के उत्तर-दक्षिण दिशा में चौड़ी सड़कें थीं। कई खुले चौक और सार्वजनिक स्थान बने हुए थे। शहर की सुरक्षा के लिए दो निगरानी टावर और मोटी दीवारों वाली एक मज़बूत किलेनुमा इमारत भी बनाई गई थी। शहर के बीचों-बीच चौथी सदी के मध्य का एक बैसिलिका चर्च मिला है, जो मुख्य सड़क की ओर बना हुआ था। चौथी से सातवीं सदी के बीच इस शहर में करीब 250 वर्षों तक बीजान्टिन साम्राज्य का हिस्सा भी रहा है।
मिट्टी के बर्तनों पर व्यापरिक जानकारी
सबसे अहम खोजों में से एक करीब 200 मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों की है, जिन पर कॉप्टिक और यूनानी (ग्रीक) भाषाओं में लिखावट है। इन पर व्यापारिक लेन-देन, लोगों के बीच पत्राचार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई जानकारियाँ दर्ज हैं। साथ ही बीजान्टिन सम्राटों की तस्वीरों, लैटिन भाषा के शिलालेखों और ईसाई प्रतीकों वाले कांस्य सिक्के भी मिले हैं।